सीबीआई ने कोयला मंत्रालय पर आरोप लगाया है कि उसे कोयला घोटाले से संबंधित फाइलें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सीबीआई के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोयला घोटाले से संबंधित 12 गैरजरूरी फाइलें कोयला मंत्रालय ने हमें सौंपी हैं।
वास्तव में इन फाइलों की कोई जरूरत नहीं है।
इससे संबंधित सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट एटॉर्नी जनरल जी ई वाहनवती को सौंप दी थी।
सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अभी भी 29 फाइलें गायब हैं। अभी तक कोयला मंत्रालय ने कोयला घोटाले से संबंधित 225 फाइलें उपलब्ध कराई हैं।
सीबीआई ने एटॉर्नी जनरल का सौंपी अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के 29 अगस्त के आदेश का भी हवाला दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में पांच दिनों के भीतर ही कोयला ब्लॉक आवंटन से संबंधित सभी कागजातों को सीबीआई को उपलब्ध कराने के लिए कहा था।
इससे पूर्व कोयल मंत्रालय ने इस बात को स्वीकार किया है कि कोल ब्लॉक आवंटन से संबंधित 17 बहुत महत्वपूर्ण फाइलें नहीं मिल पा रही हैं।
इन फाइलों में 13 सितंबर, 2007 को कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी के मिनट्स वाली फाइल भी है।
कोल ब्लॉक आवंटन मामलें में फाइल गुम होने का मामला इन दिनों संसद में काफी हंगामा मचा रहा है।
कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के संसद में स्पष्टीकरण के बाद भी मामला शांत होने के नाम नहीं ले रहा है।
वहीं पिछले दिनों प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में अपने बयान में कहा था कि वह कोल ब्लॉक आवंटन से संबंधित फाइलों के रखवाले नही हैं।
कोल ब्लॉक आवंटन में कांग्रेसी सांसद विजय दर्डा की संस्तुति पर उनकी पसंद की कंपनी को ब्लॉक आवंटन करने का मामला भी उभर कर आ चुका है।
वहीं कई कंपनियों को बिना किसी ठोस वजह के ही कोल ब्लॉक के लिए उनके आवेदनों को निरस्त कर दिया गया था।