लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने के बाद यूपीए को राजनीतिक तौर पर बड़ा नुकसान पहुंचाने वाले कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की पहली चार्जशीट सोमवार को दायर कर दी गई है।
जांच एजेंसी सीबीआई ने इस बहुप्रतीक्षित चार्जशीट में फिलहाल कोयला मंत्रालय के किसी अधिकारी या राजनीति से जुड़े लोगों के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया है। इसमें हैदराबाद की कंपनी नवभारत पावर प्राइवेट लिमिटेड (एनपीपीए) और उसके दो निदेशकों पर 2006 से 2009 के बीच आवंटन के दौरान जालसाजी और साजिश का आरोप लगाया गया है।
इसमें भ्रष्टाचार निरोधक कानून (पीसीए) के तहत कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं। सीबीआई ने कोयला आवंटन घोटाले में अब तक 16 एफआईआर दर्ज की है यानी सीबीआई इस मामले में अभी कई और चार्जशीट दायर करेगी।
निदेशकों पर आरोप
एनपीपीए के खिलाफ एफआईआर 3 सितंबर 2012 को दायर की गई थी। इसमें कंपनी के निदेशकों के साथ कोयला मंत्रालय और झारखंड सरकार के बेनाम अधिकारियों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। लेकिन सीबीआई के मुताबिक इस मामले में किसी अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं।
निदेशकों पर आरोप है कि एजेंसी के निदेशकों पी त्रिविक्रम प्रसाद और वाई हरीश चंद्र प्रसाद ने अपनी कंपनी के बारे में सरकार को गलत जानकारियां दे कर ब्लॉक हासिल किया। इसके बाद उसे करीब 200 करोड़ के मुनाफे के साथ एस्सार और उसकी सहायक कंपनियों को बेच दिया।
हालांकि सीबीआई ने अपनी जांच में पाया है कि कोयला मंत्रालय के कुछ अधिकारियों ने जानबूझ कर कंपनी के कागजातों की सघन पड़ताल नहीं की। मगर ठोस सबूत नहीं होने की वजह से उनके खिलाफ आरोप नहीं तय किए गए हैं।
क्या है मामला
केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की अनुशंसा पर सीबीआई ने 2012 में तीन प्राथमिकी दर्ज की थी। इन्हीं के आधार पर एजेंसी ने 16 एफआईआर दर्ज की हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने इस आवंटन के चलते सरकारी खाते को 1.86 लाख करोड़ के घाटे का अनुमान लगाया था।
कैग की इस रिपोर्ट के बाद विपक्ष ने यूपीए सरकार और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए। पहले टूजी और फिर कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले के मामले ने यूपीए की साख पर बड़ा धब्बा लगा दिया है और इसका असर आगामी लोकसभा चुनाव पर भी होगा।
पहली चार्जशीट से तो फिलहाल यूपीए सरकार राहत की सांस ले सकती है। क्योंकि इसमें कोयला मंत्रालय के किसी मंत्री पर आरोप नहीं, लेकिन अभी अन्य संबंधित मामलों में चार्जशीट आनी बाकी है।