कोल ब्लॉक आवंटन मामले में कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल की मुसीबत के और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।
झारखंड का कोल ब्लॉक हासिल करने के लिए फर्जीवाड़ा और रिश्वत के मामले में जिंदल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सीबीआई उनकी कंपनियों को हुए दो और आवंटन की भी जांच कर रही है।
2009 में फरवरी और अक्तूबर में भी उनकी कंपनी जिंदल स्टील एंड पावर को उड़ीसा और मध्यप्रदेश में दो ब्लॉक आवंटित किए गए थे।
उधर सीबीआई ने पूर्व कोयला सचिव एस सी गुप्ता को जांच प्रक्रिया में शामिल करने की सरकार की औपचारिक अनुमति हासिल कर ली है।
सीबीआई ने बुधवार को जिंदल को उनके परिवार वालों और कंपनी के अधिकारियों के माध्यम से सूचना भेजी है कि वह एजेंसी से जल्द से जल्द संपर्क करें।
सीबीआई मंगलवार की छापेमारी के दौरान सील किए गए लॉकरों और अलमारियों की छानबीन करना चाहती है। छापेमारी के दौरान कांग्रेस सांसद के मौजूद नहीं होने की वजह से उन्हें सील कर दिया गया था।
इस दिनों कंपिटीशन कमीशन के सदस्य के तौर पर काम कर रहे एस सी गुप्ता की पूछताछ की अनुमति के बाद एजेंसी ब्लॉक आवंटन के लिए कोयला मंत्रालय की स्क्रीनिंग कमेटी के कम से कम चार सदस्यों से पूछताछ के लिए सरकारी अनुमति की अर्जी भेजने वाली है।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक गुप्ता के कार्यकाल में 68 कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए थे। कोल ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सख्त हुई सीबीआई जोहरा चटर्जी कमेटी रिपोर्ट को भी खंगाल रही है।
आवंटन घोटाले के भंडाफोड़ के बाद कोयला मंत्रालय ने संयुक्त सचिव जोहरा चटर्जी को सभी आवंटन की अंदरूनी जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। कमेटी ने सितंबर 2012 में 58 कंपनियों को नोटिस भेजने की अनुशंसा की थी।