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शासन को बिना बताए सीएमओ ने खेला इतना बड़ा खेल

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स्वास्थ्य विभाग में खेल पर खेल हो रहे हैं। खरीद से लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग में पूरी तरह से मनमर्जी चल रही है। शासन स्तर से भले ही किसी भी तरह की संबद्धता पर रोक है, लेकिन सीएमओ इससे ऊपर सीएमओ की सत्ता चल रही है। ताजा मामला एक महिला डॉक्टर से जुड़ा है। जिसे एक ही दिन में पहले एसीएमओ बनाया गया और फिर स्थानीय आदेश जारी कर मवाना सीएचसी से संबद्ध कर दिया गया। इसको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं विभाग में चल रही हैं।
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सीएमओ डॉ. रमेश चंद्रा ने 24 अप्रैल को ज्वाइन करने के बाद अपने पसंदीदा जिला मलेरिया कार्यालय के बाबू नरेश त्यागी को सीएमओ कार्यालय से अटैच किया था। अब इससे भी एक कदम आगे बढ़कर एक ही दिन में किसी चिकित्सक की तैनाती को लेकर दो पत्र लिखे जाते हैं। बतौर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्रा हस्ताक्षर करते हैं। मामला वर्तमान में मवाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. सुमन से जुड़ा है।

शासन से निर्देश हैं कि अगर किसी कर्मचारी को संबद्ध करना है तो उसके लिए निदेशक प्रशासन (लखनऊ) से मंजूरी लेनी होगी। जबकि चिकित्सक के मामले में शासन के माध्यम से सीएम की मंजूरी मिलने पर ही संबद्ध किया जा सकता है।
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शासन ने नहीं ली गई अनुमति

यहां पर सीएमओ कार्यालय द्वारा सारे आदेशों को ताक पर रखकर काम चलाया जा रहा है। दवा और सामान की खरीद में हुए घोटाले को लेकर डीएम के आदेश पर सीडीओ जांच करा रहे हैं तो अब ट्रांसफर व पोस्टिंग का बड़ा खेल सामने आया है। डॉ. सुमन को मेरठ से अलीगढ़ जिला महिला चिकित्सालय में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर ट्रांसफर किया गया था। लेकिन 28 अगस्त को शासन से संशोधित आदेश जारी हुआ और डॉ. सुमन को एसीएमओ मेरठ के पद पर भेजा गया।

इतना ही नहीं उन्हें 9 सितंबर को ज्वाइन भी करा दिया गया। लेकिन इसके बाद खेल खेलते हुए 11 दिसंबर को डॉ. रमेश चंद्रा के नाम से दो पत्र जारी हुए। जो बता रहे हैं कि पहला पत्र डॉ. सुमन को शासन के आदेश पर नियमानुसार एसीएमओ पद पर ज्वाइन कराते हुए खाद्य एवं स्वास्थ्य का चार्ज सौंपे जाने के संबंध में था। जिसमें लिखा गया कि आप एसीएमओ एनएचएम के संपर्क में रहते हुए जिले में संचालित परिवार कल्याण कैंप अपनी देखरेख में तथा कैंप के दिन सीएचसी व पीएचसी पर ओपीडी करना सुनिश्चित करें।

लेकिन दूसरे पत्र में लिखा गया कि 9 सितंबर को कार्यालय की तरफ से जारी पत्र में आंशिक संशोधन किया जा रहा है कि आपको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवाना से संबद्ध किया जा रहा है, जबकि संबद्ध करने से पहले कोई शासन से अप्रूवल नहीं लिया गया है। उधर, इस सारे मामले को लेकर सीएमओ डॉ. रमेश चंद्रा को फोन कर उनकी प्रक्रिया लेनी चाही तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
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