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गरबा विवादः इमाम का जमानत से इनकार

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गरबे पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार सूफी इमाम मेहदी हसन ने जमानत लेने से इनकार कर दिया है। मेहदी हसन को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया गया।
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अदालत ने उन्हें दो अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मेहदी हसन ने ही तीन वर्ष पूर्व गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुस्लिम टोपी पहनाने का प्रयास किया था।

मोदी ने टोपी पहनने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद काफी विवाद हुआ था।

गरबा को लेकर की थी आप‌त्तिजनक टिप्‍पणी

गुजरात में विश्व हिंदू परिषद द्वारा मुस्लिम युवाओं का गरबा में प्रवेश न करने के इजाजत देने के मामले में मेहदी हसन ने पिछले सप्ताह गरबा को लेकर आप‌त्तिजनक टिप्‍पणी की थी।

उन्होंने कहा था कि गरबा पर शैतानों का कब्जा है। गरबा धार्मिक त्योहार नहीं, बल्‍कि राक्षसों के मनोरंजन का त्योहार है।

हसने ने कहा था कि साधू और संत गरबा में दिखाई नहीं देते। फिल्म अभिनेता और अपराधी किस्म के लोग भड़काऊ कपड़े पहन कर गरबा में डांस करते हैं। हसन की टिप्पणी के बाद विहिप ने उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की थी।
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अदालत में इमाम को मारा गया थप्पड़

बुधवार को मेहदी हसन को खेड़ा जिले की थासरा अदालत में पेश किया गया। सूफी ने जमानत लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने अदालत में कहा कि खुदा मेरा इंसाफ करेगा।

इससे पहले बुधवार को मौलाना मेहदी हसन को अदालत में ले जाते वक्त एक व्यक्ति ने उन्हें थप्पड़ भी मार दिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब इमाम को पेशी के ल‌िए अदालत में ले जाया जा रहा था तो राकेश नामक एक व्यक्ति ने उन्हें थप्पड़ मारा और धक्का दिया। हसन को जब अदालत लाया गया, वहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा थे।

घटना के बाद युवक को हिरासत में ले लिया गया है।
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