देश में उच्च शिक्षा की दशा एवं दिशा विषय पर मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की क्लास लेंगे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी उच्च शिक्षा पर कुलपतियों के इस सम्मेलन में शिरकत करेंगे।
राष्ट्रपति भवन में सुबह से देर शाम तक चलने वाली इस क्लास को मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू और सैम पित्रोदा भी संबोधित करेंगे। बैठक में भारतीय विश्वविद्यालयों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने, उच्च शिक्षा को आम आदमी की पहुंच में लाने तथा नेशनल नॉलेज नेटवर्क को उच्च शिक्षा का आधार बनाने के लिए कुलपतियों को सुझाव एवं ठोस कार्ययोजना पेश करना होगा।
उल्लेखनीय है कि देश में शिक्षा की स्थिति पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पहले भी सार्वजनिक मंचों से चिंता जता चुके हैं। मानव संसाधन मंत्री का पदभार संभालने के बाद से पल्लम राजू राष्ट्रपति से तीन बार मिल चुके हैं। मुलाकात में राष्ट्रपति शिक्षा सुधारों से जुड़े विभिन्न विधेयकों के संसद में पारित नहीं होने पर चिंता जता चुके हैं।
पिछले दिनों एक रिपोर्ट में दुनिया के टाप सौ विश्वविद्यालयों में भारत के एक भी संस्थान का नाम नहीं शामिल होने पर भी उन्होंने चिंता जाहिर की थी। इसी क्रम में विजिटर (कुलाधिपति) होने के नाते मंगलवार को उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक बुलाई है। बैठक से पहले ही वे मानव संसाधन मंत्रालय को स्पष्ट कर चुके हैं कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना चाहते हैं।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और पल्लम राजू के अलावा नेशनल इनोवेशन कौंसिल के प्रमुख सैम पित्रोदा, यूजीसी के चेयरमैन वेदप्रकाश के संबोधन के बाद सभी कुलपतियों को सात-सात मिनट बोलने का मौका दिया जाएगा। बैठक के दूसरे चरण में कुलपतियों के कुल चार समूह बनाए जाएंगे।
सभी ग्रुप को अलग-अलग विषयों पर ठोस पहल के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा जाएगा। अंत में सभी समूह फिर एकजुट होकर कार्ययोजना को राष्ट्रपति के सामने पेश करेंगे। बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि विश्वविद्यालयों द्वारा की जा रही विभिन्न पहल की जानकारी नियमित रूप से राष्ट्रपति को उपलब्ध होती रहे।