सबसे पहले आप अपने मन से यह डर निकाल दें कि आप अपनी कमजोरियों को जीत नहीं सकते। एक काम और करें। यदि अपनी कमियों को सीधे तौर पर आप दूर नहीं कर पा रहे हों, तो उसका आप पर क्या विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, इसका आकलन करने की कोशिश करें। जब आपको उसके दुष्प्रभावों का पता चलेगा, तो आप स्वतः ही उन पर जीत हासिल करने के लिए प्रेरित होंगे। उदाहरण के लिए, यदि आपकी अंग्रेजी अच्छी नहीं है और आप मार्केटिंग में कैरियर बनाना चाहते हैं, ऐसे में यह कमी आपको मनचाहा कैरियर बनाने में बाधक बनेगी। इस तरह का आकलन जरूरी है, जिससे आपको यह पता लग जाएगा कि इस कमी को दूर करना आपके बेहतर कैरियर के लिए कितना जरूरी है।