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चिट-फंड घोटाले में चिदंबरम की पत्नी का भी नाम

Fri, 26 Apr 2013 09:12 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम के शारदा चिट फंड मामले के सियासी घेरे में आने से यूपीए सरकार की बेचैनी बढ़ गई है। अभी तक इस मामले में असम के एक कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह का नाम सामने आया था।
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मगर अब चिट फंड कंपनी के मालिक सुदीप्तो सेन की ओर से सीबीआई को लिखी गई चिट्ठी में दावा किया गया है कि उसने नलिनी की सलाह पर ही मतंग सिंह की पत्नी मनोरंजना सिंह की कंपनी में निवेश किया था।

साथ ही चिट फंड कंपनी ने नलिनी को एक करोड़ रुपये बतौर फीस देने की भी बात कही है।

वैसे नलिनी ने अपनी सफाई में कहा है कि उन्होंने इस सिलसिले में पेशेवर के तौर पर काम किया था। शारदा कंपनी और इसके मालिक से उनका कोई सरोकार नहीं है। इस बीच, भाजपा ने नलिनी के खिलाफ जांच की मांग की है।
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नलिनी चिंदबरम का नाम आने से विपक्ष को एक बार फिर चिदंबरम को निशाने पर लेने का मौका मिल गया है। वहीं इस पूरे मामले में खासतौर से निशाने पर रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भी अब कांग्रेस और यूपीए सरकार पर वार कर दिया है।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा है कि टीएमसी पर सवाल उठाने से पहले चिदंबरम बताएं कि नलिनी की शारदा ग्रुप के 42 करोड़ की डील पर उनका क्या कहना है।

दरअसल, यह पूरा मामला मतंग सिंह की पूर्व पत्नी मनोरंजना सिंह की एक टीवी चैनल कंपनी से जुड़ा है। नलिनी मनोरंजना सिंह की कानूनी सलाहकार हैं।

सुदीप्तो ने सीबीआई को लिखी चिट्ठी में दावा किया है कि मनोरंजना ने नलिनी को आगे रखकर उन्हें अपनी कंपनी में निवेश करने के लिए प्रभावित किया था।

चिट फंड कंपनी के अनुसार यह निवेश 42 करोड़ का था। यही नहीं कंपनी का दावा है कि उसने नलिनी को इसके लिए एक करोड़ रुपये भी दिए थे।

उधर, नलिनी के करीबी सूत्रों का कहना है कि उनके कहने पर निवेश करने की बात गलत है। नलिनी का सुदीप्तो के साथ कोई सरोकार नहीं है।

उन्होंने एक पेशेवर के तौर पर मनोरंजना सिंह की कानूनी सलाहकार की भूमिका निभाई थी। साथ ही नलिनी ने सफाई दी है कि उन्होंने मनोरंजना की कंपनी को शारदा का निवेश स्वीकार नहीं करने की सलाह दी थी।

बहरहाल, बजट सत्र के दौरान हुए इन खुलासों को विपक्ष जोर शोर से उठा सकता है। दूसरी ओर, कांग्रेस को इसका जवाब देना भारी पड़ सकता है। भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि चिट फंड मामले की जांच होनी चाहिए।

साथ ही उन्होंने कहा है कि चेन्नई की उस वकील के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए, जो एक केंद्रीय मंत्री के परिवार से हैं और जिनके ऊपर पैसे लेने का आरोप लगा है।
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