सेंट्रल हज कमेटी ने दो से 14 साल तक के बच्चों की हज यात्रा पर रोक लगा दी है। कमेटी ने यह कदम सऊदी सरकार के निर्देश के बाद उठाया है। विशेष परिस्थितियों में लड़कियों को हजयात्रा पर जाने की इजाजत दी जा सकती है।
सऊदी में हरम शरीफ के विस्तार को लेकर निर्माण चल रहा है। इसके तहत तोड़फोड़ की जा रही है। यहीं पर खाना-ए-काबा भी है, जिसका हज और उमरा के दौरान जाइरीन तवाफ (परिक्रमा) करते हैं। ऐसे में छोटे बच्चों को संभालने में वालिदैन और अन्य को परेशानी होगी। इसको देखते हुए सऊदी अरब ने बच्चों की यात्रा पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया है।
सेंट्रल हज कमेटी ने सऊदी सरकार के इस निर्णय से सभी राज्य हज समितियों और हज खिदमतगारों को अवगत करा दिया है। मास्टर हज ट्रेनर और पूर्वांचल हज सेवा समिति के सचिव डॉ. अकबर अली और मास्टर हज ट्रेनर हाजी अदनान खां ने बताया कि हरम शरीफ में निर्माण कार्य चल रहा है। इसके मद्देनजर दो से 14 साल तक के बच्चों की हज यात्रा पर रोक लगा दी गई है।
गौरतलब है कि वाराणसी समेत पूर्वांचल के 16 जिलों से हर साल 24 से अधिक बच्चे हज यात्रा पर अपने सगे संबंधियों के साथ रवाना होते हैं। इनमें वाराणसी के बच्चों की संख्या छह से आठ तक रहती है।