तृणमूल कांग्रेस के यूपीए से समर्थन वापस लेने के एक दिन पहले वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सरकार की अस्थिरता को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यूपीए नए दोस्तों को शामिल करने के खिलाफ नहीं है।
वित्त मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि कल भी हमारे पास पर्याप्त मित्र थे, आज भी काफी दोस्त हैं। ऐसे में सरकार की स्थिरता पर संदेह करना सही नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार नए सहयोगियों की तलाश कर रही है, चिदंबरम ने कहा कि हम नए दोस्तों के खिलाफ नहीं हैं। जरूरत पड़ने पर हम नए दोस्तों को अपने साथ जोड़ेंगे।
सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने भी कहा कि सरकार पूरी तरह से स्थिर है, क्योंकि लोकसभा के 545 सदस्यों में से उसे 300 सांसदों का समर्थन हासिल है। सरकार के अल्पमत में होने की अटकलों को नकारते हुए सोनी ने कहा कि हमारे पक्ष में 300 सांसद हैं। उन्होंने कहा कि यह मुश्किल वक्त है और कड़े फैसले लेना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई नेताओं ने साफ कहा है कि जल्द चुनाव देश हित में नहीं होंगे।
वहीं दूसरी ओर कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि संसद में सरकार के पक्ष में पर्याप्त सदस्य हैं और गठबंधन के अंदर और बाहर दोनों जगह हमारे मित्र मौजूद हैं। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डीजल मूल्य वृद्धि, रिटेल में एफडीआई और सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या निर्धारित किए जाने के खिलाफ यूपीए से बाहर होने की घोषणा की है। तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा में 19 सदस्य हैं। केंद्र में शामिल तृणमूल के छह मंत्री शुक्रवार को अपने पदों से इस्तीफा देने वाले हैं। इसके बाद पार्टी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को मुलाकात कर यूपीए से समर्थन वापसी संबंधी पत्र सौंपेंगी।