फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीआई का दावा, राजन ने नहीं किया था सरेंडर

विज्ञापन
विज्ञापन
सीबीआई का दावा है कि 27 साल से फरार अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन ने आत्मसमर्पण नहीं किया बल्कि उसे लंबी तैयारी के बाद अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से घेर कर गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन


राजन पर पिछले छह महीने से आस्ट्रेलिया में नजर रखी जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक राजन ने गिरफ्तारी के बाद एजेंसियों की तमाम कोशिशों के बावजूद निर्वासन के लिए जरूरी सरेंडर पेपर पर हस्ताक्षर नहीं किए।

सूत्रों के मुताबिक दरअसल राजन आस्ट्रेलिया में 22 सितंबर 2003 से रहते हुए पूरे दक्षिण पूर्वी एशिया और अफ्रीका में अपना धंधा चला रहा था।

उसने मार्च 2003 में जिंबाब्वे के हरारे से मोहन कुमार के नाम पर अपना नकली पासपोर्ट (नंबर जी-9273860) बनवाया था। पहले कुछ साल तो वह वहां वीजा विस्तार पर रहा। फिर राजन को आस्ट्रेलिया में रहने के लिए रेजीडेंसी लाइसेंस मिल गया।
विज्ञापन

छोटा राजन ने नहीं किया था सरेंडर

सूत्रों ने बताया कि इस साल 31 अक्तूबर को उसके रेजीडेंसी लाइसेंस की मियाद खत्म हो रही थी। इस खुफिया जानकारी के बाद सीबीआई ने केंद्र सरकार की मदद से आस्ट्रेलिया सरकार से बात की और उसके लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने दिया।

सूत्रों ने बताया कि राजन को इस बात की भनक लग चुकी थी कि उसके रेजीडेंसी लाइसेंस को विस्तार नहीं मिलने जा रहा है। उसे यह आभास हो चला था कि उस पर नजर रखी जा रही है। इसी गफलत में राजन 25 अक्तूबर को बाली के लिए निकल गया। जहां उसे इंटरपोल के नोटिस के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद राजन के मोहन कुमार वाले पासपोर्ट को रद्द कर दिया गया है।

सूत्रों ने बताया कि राजन ने आस्ट्रेलिया से भागने के लिए बाली सहित चार जगहों का चुनाव किया था। उसके पास करीब दस लाख इंडोनेशियाई करेंसी और करीब 15 जोड़े कपड़े थे।

सूत्रों ने बताया कि वह बाली में अपने तंत्र का इस्तेमाल कर वहां रहने का नया जुगाड़ करने वाला था। मोहन कुमार के नाम पर बने पासपोर्ट से पहले राजन के पास विजय कदम के नाम का पासपोर्ट था। इसी पासपोर्ट के आधार पर वह बैंकाक गया था जहां दाऊद इब्राहिम के गुर्गो ने उस पर बड़ा हमला किया था। 
विज्ञापन

राजन दस दिन की सीबीआई रिमांड पर

सीबीआई को अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की दस दिन की रिमांड मिल गई है। बाली से निर्वासन प्रक्रिया के जरिए भारत पहुंचने के बाद राजन को शुक्रवार देर रात मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

सीबीआई फिलहाल राजन को उसके खिलाफ फर्जी पासपोर्ट की दर्ज एफआईआर के आधार पर अपने गिरफ्त में रखेगी। इस बीच मुंबई में राजन के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर सीबीआई को सौंप दिए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक राजन से आईबी और रॉ समेत कई एजेंसियां पूछताछ करेंगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें