राजद ने भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर कांग्रेस और सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी गठबंधन ने यह भी साफ कर दिया है कि कोयला घोटाले जैसे मुद्दे पर कांग्रेस और यूपीए सरकार की घेराबंदी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। राजग संयोजक और जदयू प्रमुख शरद यादव ने कहा कि 21 नवंबर से शुरू होने जा रहे संसद के शीत सत्र में विपक्षी दल एकजुट होकर कोयला घोटाले का मुद्दा उठाएंगे।
शरद यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्ष खामोश नहीं बैठा है। एक बार संसद का शीत सत्र शुरू होने दीजिए। हम कोयला घोटाले का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाएंगे। उन्होंने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के कोयला आवंटन में कोई नुकसान नहीं होने के बयान की भी तीखी आलोचना की। उन्होंने हैरानी जताई कि इस तरह के गैरजिम्मेदाराना बयान आखिर कैसे दे दिए जाते हैं। कैग ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि 1.86 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कोल ब्लॉकों का आवंटन रद्द करके उन्हें नए सिरे से आवंटित करने की मांग भी रखी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोल आवंटन में निजी कंपनियों को वरीयता दी गई। इसमें सबसे ज्यादा लाभ नवीन जिंदल की कंपनी को मिला। उनकी कंपनी ने कोयला तो कम कीमत पर निकाला, लेकिन बिजली महंगी कीमत पर बेची। उन्होंने कहा कि नवीन जिंदल का प्लांट 6 रुपये यूनिट बिजली बेच रहा है, जबकि उसके पास ही स्थित एनटीपीसी के प्लांट से 2.2 रुपये प्रति यूनिट बिजली बेची जा रही है। सरकार से करीबी का नवीन जिंदल खूब लाभ उठा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के प्राकृतिक संसाधनों का नीलामी के जरिए आवंटन अनिवार्य नहीं होने के फैसले पर भी शरद यादव ने हैरानी जताई।