बाचा खान यूनिवर्सिटी परिसर में घुसे आतंकियों से अपने छात्रों को बचाने का प्रयास करते हुए अपनी पिस्तौल से गोलियां चलाते हुए रसायन छात्र के 34 वर्षीय प्रोफेसर हामिद हुसैन मारे गए। उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल की बदौलत आतंकियों का जम कर मुकाबला करने की कोशिश की ताकि छात्रों को बचा सकें।
2014 में पेशावर के आर्मी स्कूल पर हुए हमलों के बाद शिक्षकों को कक्षा में हथियार ले जाने की अनुमति है। अपने बहादुर प्रोफेसर के बारे में छात्रों ने बताया कि वह उन्हें बचाने के लिए आतंकियों पर अपनी
पिस्तौल से फायर कर रहे थे।