गर्म मौसम में सूरज की तपिश अब मैदानी क्षेत्र को ही नहीं, बल्कि पहाड़ी इलाकों के सुहानेपन को भी प्रभावित करने लगी है। अपने शिमला दौरे के दौरान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी कुछ ऐसा ही महसूस किया।
खूबसूरत वादियों का खुशनुमा मौसम दोपहर की धूप में रंगत बदल देता है। क्योंकि समुद्रतल से करीब 2100 मीटर से भी ज्यादा की ऊंचाई पर स्थित प्रेसीडेंट रिट्रीट में धूप अपनी चुभन का अहसास कराने लगी।
हिमाचल की राजधानी का हसीन मौसम का रंग आखिर क्यों फीका पड़ रहा है? इसे लेकर राष्ट्रपति के काफिले में शामिल हरेक के मन में कई सवाल खड़े हो रहे थे। लेकिन इसका जवाब एक था, बढ़ता प्रदूषण जिसे रोकने में सरकारें विफल रही हैं।
राष्ट्रपति ने शिमला दौरे के दौरान शुक्रवार को एक ही दिन में विधानसभा को संबोधित करने सहित तीन कार्यक्रमों में शिरकत की। हालांकि इस दौरान अंग्रेजी शासनकाल में देश की राजधानी रही शिमला में बढ़ता तापमान उनके माथे पर शिकन लाया।
प्रणब ने शनिवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे कल्याणी हैलीपैड से शिमला से विदा ली। वह इसके बाद सोलन जिले के बद्दी के करीब स्थित एक शिक्षण संस्थान का उद्घाटन करने पहुंचे।
जहां गर्म मौसम का रवैया मैदानी इलाके जैसा ही था। अंतर सिर्फ इतना था कि हवा में नमी बरकरार थी। जबकि चंडीगढ़ के हवाई अड्डे पर यह नमी कमतर होती गई।