फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरक्षण बिल को रोकना बना सपा के लिए चुनौती

Sat, 08 Dec 2012 12:45 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
एफडीआई मुद्दे पर यूपीए सरकार को सीधी मदद देकर बसपा ने भले ही सपा को मात देने की कोशिश की हो लेकिन आने वाले दिनों में प्रमोशन में आरक्षण विधेयक के पारित होने या नहीं होने के बाद ही यह तय होगा कि आखिर कौन सरकार से बेहतर ‘डील’ करने में कामयाब रहा।
विज्ञापन


बसपा को खुश करने के लिए सरकार अब प्रमोशन में आरक्षण संबंधी विधेयक पर आगे बढ़ने के संकेत दे रही है। लिहाजा, सपा के लिए इसे रोकना बड़ी चुनौती होगा। वहीं, एफडीआई के बाद अब सरकार के लिए भी प्रमोशन में आरक्षण विधेयक बढ़ी चुनौती बन सकता है। सपा और बसपा दोनों को अपने साथ बांधे रखना इतना आसान नहीं होगा।

शुक्रवार को सरकार के पक्ष में वोटिंग देने के बाद बसपा ने जहां फिर दोहरा दिया है कि उसने एससी/एसटी वर्गों को पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित विधेयक को पारित करवाने के लिए सरकार को समर्थन में वोट देने का फैसला किया है। वहीं सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि सपा आने वाले दिनों में किसी सूरत में यह बिल पास नहीं होने देगी। मगर इस मसले से पार पाना सपा के लिए चुनौती बन गया है।
विज्ञापन


बसपा के वोट के बाद सरकार पर नैतिक रूप से प्रमोशन विधेयक को आगे बढ़ाने का दबाव बन गया है। इसलिए वह सपा के मुकाबले बसपा को ज्यादा तवज्जो दे सकती है। ऐसी स्थिति में प्रमोशन में आरक्षण विधेयक को रोकने के लिए सपा के सामने भाजपा की मदद लेने का एकमात्र विकल्प उपलब्ध होगा।

मगर सांप्रदायिक शक्तियों को सत्ता से दूर रखने की बात बार बार कर यूपीए सरकार को समर्थन देने वाली सपा के लिए यह विकल्प अपनाना आसान नहीं होगा। ऐसे में सपा कांग्रेस पर अगले लोकसभा चुनाव का सियासी गणित का हवाला देकर दबाव डाल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें