बाहरी दिल्ली के नरेला इलाके में सोमवार जो हुआ, वह किसी फिल्मी कहानी के क्लाइमैक्स से ज्यादा अलग नहीं है। चेन झपटने की घटना दिल्ली एनसीआर में आम बात है, लेकिन इस मामले का अंत कुछ बेहद अजीब ढंग से हुआ।
पुलिस को रविवार रात नरेला से एक बाइक चोरी की शिकायत मिली। सोमवार दोपहर नरेला थाने में तैनात सिपाही सतेंद्र, किशोर और प्रभात इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को स्कूटर सवार उमेश गुप्ता से सोने की चेन झपटे जाने की जानकारी मिली।
सतेंद्र ने देखा कि भाग रहा बदमाश रविवार रात चोरी की बाइक पर सवार है। तीनों ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाश सतेंद्र के सीने में गोली मारकर वहां से फरार हो गया।
सिपाही प्रभात ने सतेंद्र को राजा हरिश्चंद अस्पताल पहुंचाया, जबकि एक अन्य सिपाही किशोर बदमाश का पीछा करने लगा। साथ ही उसने वायरलेस पर इस घटना की जानकारी थाने को दी। पुलिस को पीछा करते देख बदमाश ए-9 ब्लॉक स्थित डीडीए फ्लैट में जाकर छिप गया।
पुलिस ने घेराबंदी कर बदमाश को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। लेकिन बदमाश गोली चलाते हुए छत पर पहुंचा और अपनी कनपटी में गोली मार खुदकुशी कर ली। पुलिस तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया। लेकिन उसकी मौत हो गई। उसकी पहचान बाकनेर निवासी कुलदीप के रूप में हुई।