पांच राज्यों के एजुकेशन बोर्ड की ओर से मदरसों के छात्र-छात्राओं को जारी किए गए सर्टिफिकेट की मान्यता केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के सर्टिफिकेट के बराबर ही होगी। एक आरटीआई आवेदन के जवाब में इसका खुलासा किया गया है।
आरटीआई आवेदन दाखिल किए जाने पर मिले जवाब में कहा गया है कि बिहार स्टेट एजुकेशन बोर्ड, वेस्ट बंगाल काउंसिल ऑफ एजुकेशन बोर्ड, छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन, मध्यप्रदेश बोर्ड और उत्तर प्रदेश बोर्ड की ओर से अपने राज्यों में मदरसों के छात्र-छात्राओं को दिया जाने वाला सर्टिफिकेट सीबीएसई की ओर से अपने स्कूलों में जारी किए जाने सर्टिफिकेट के बराबर है।
आरटीआई आवेदन मुरादाबाद के आरटीआई कार्यकर्ता सलीम बेग ने दाखिल किया था।
मानव संसाधन मंत्रालय ने कहा है कि देश भर में उच्च शिक्षा को आसान बनाने के लिए मदरसों के छात्र-छात्राओं को उनके राज्य के शिक्षा बोर्डों की ओर से जारी किए जाने वाले सर्टिफिकेट सीबीएसई, काउंसिल ऑफ बोर्ड्स ऑफ स्कूल एजुकेशन और दूसरे स्कूल बोर्डों की ओर से जारी सर्टिफिकेट के बराबर ही मान्य होंगे।
काउंसिल ऑफ बोर्ड्स ऑफ स्कूल एजुकेशन इन इंडिया (सीओबीएसई) देश में स्कूल एजुकेशन बोर्ड का स्वैच्छिक संगठन है।
पटना स्थित बिहार स्टेट एजुकेशन बोर्ड मदरसों के छात्र-छात्राओं के लिए तीन परीक्षाएं- वस्तानिया (8वीं के लिए) फोकानिया (10वीं के लिए) और मौलवी (12वीं के लिए) आयोजित करता है। जबकि अन्य चार राज्यों में परीक्षाएं दसवीं और बारहवीं कक्षाओं के लिए ही आयोजित होती हैं।