सालाना साढ़े चार लाख रुपये तक की आय वाले अनुसूचित जनजाति (एसटी) परिवारों के बच्चे भी अब उच्च और तकनीकी शिक्षा हासिल कर सकेंगे।
अभी तक इसका लाभ उन्हीं परिवारों के बच्चों को मिल रहा था, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये प्रति वर्ष थी। केंद्र सरकार ने एसटी विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा की केंद्रीय छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत परिवार की वार्षिक आय में बढ़ोतरी कर दी है।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए उच्च और तकनीकी शिक्षा की केंद्रीय छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत परिवार की वार्षिक आय सीमा को दो लाख रुपये से बढ़ाकर 4.50 लाख रुपये कर दिया गया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल का यह फैसला चालू वित्त वर्ष यानी 2013-14 के लिए प्रभावी हो गया है। परिवार की वार्षिक आय सीमा में वृद्धि से बड़ी संख्या में अनुसूचित जन जाति के विद्यार्थियों को लाभ होगा।
केंद्र सरकार के इस निर्णय से किसी तरह का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। योजना में संशोधन से आने वाले खर्च वार्षिक बजटीय प्रावधान के तहत ही पूरे किए जाएंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2007 में कैबिनेट ने केंद्रीय छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जन जाति के छात्रों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की मंजूरी दी थी, जिसे वित्त वर्ष 2007-08 में लागू किया गया था।
इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जन जाति के छात्रों के लिए देश के चुनिंदा शीर्ष शैक्षिक संस्थानों में पेशेवर शिक्षा प्राप्त करने के लिए समुचित वित्तीय सहायता देना है।