प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि नक्सल हिंसा से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है।
आंतरिक सुरक्षा पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में नक्सली हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत 25 मई को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं पर हुए बर्बर नक्सली हमले से की।
मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में नहीं आईं ममता, जयललिता
महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि खासतौर पर शहरों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक संस्थागत प्रक्रिया बनाई जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने देश में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के शुरु होने से पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आंतरकि सुरक्षा को चुनौती दे रहे मसलों पर चर्चा की।
उन्होंने नक्सली हमले को लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए कहा कि सुरक्षा के बिना विकास संभव नहीं है।