दिल्ली गैंगरेप पीड़िता के दोषियों को फांसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए। ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने सोमवार को यह बात उस समय कही जब सरस मेले में वह फांसी की मांग कर रहे दर्जनों आंदोलनकारियों से घिर गए। वह यहां दिल्ली हाट में मेले का उद्घाटन करने आए थे। आंदोलनकारियों ने न सिर्फ केंद्रीय मंत्री को घेर लिया, बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए।
जैन ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। मगर आंदोलनकारी उनका पक्ष जानना चाहते थे, जिस पर उन्होंने कहा कि दामिनी के साथ दरिंदगी करने वाले को सजा तय करते समय नाबालिग होने को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। उसे भी वही सजा मिलनी चाहिए जो उसके अन्य पांच साथियों को मिले। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर गंभीर है। इसके लिए सख्त कानून बनाने की कवायद चल रही है।
जैन के मुताबिक यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने वर्मा कमेटी की सिफारिशों के आधार पर अध्यादेश जारी कर कानून में बदलाव किए गए हैं। बजट सत्र में अध्यादेश को संसद से पारित करा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानून के साथ ही समाज को जागरूक होने की भी जरूरत है। इसकी पहल शुरू हो चुकी है। उन्होंने माना कि सभी छह दोषियों को फांसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए।
जैन ने कहा कि जिसने सबसे ज्यादा दरिंदगी की है, उसे इस आधार पर कम सजा नहीं मिलनी चाहिए कि वह नाबालिग है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद देश भर में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए जो मुहिम शुरू हुई है, वह अभी भी जारी है।