कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को आखिरकार पासपोर्ट मिल ही गया। सरकार ने उन्हें मंगलवार को पासपोर्ट जारी कर दिया। दो महीने पहले गिलानी का आवेदन अपूर्ण जानकारी के आधार पर निरस्त कर दिया गया था।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गिलानी को जारी पासपोर्ट की वैधता नौ महीने की है। श्रीनगर में स्थानीय पासपोर्ट कार्यालय के एक अधिकारी ने भी हुर्रियत नेता को पासपोर्ट मिलने की पुष्टि की है। गिलानी ने मई में सऊदी अरब के जेद्दाह जाने के लिए पासपोर्ट का आवेदन किया था।
वे अपनी बीमार बेटी को देखने के लिए जाना चाहते थे। तब विदेश मंत्रालय ने कहा था कि गिलानी ने आवेदन पत्र अधूरा भरा है। उन्होंने आवेदन शुल्क और फोटो नहीं दिए हैं। नियम के अनुसार आवेदनकर्ता को बायोमिट्रिक डिटेल्स और फोटो के लिए कार्यालय जाना पड़ता है।
इन्हीं कमियों के कारण उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। इस मुद्दे ने काफी तूल पकड़ा था। यहां तक कि राज्य की सत्ता में साझीदार पीडीपी और भाजपा के परस्पर विरोधी रुख भी सामने आ गए थे।