आतंकवादियों को फंड मुहैया कराने और अवैध धन की मनी लॉन्ड्रिंग करने के आरोप में भारत ने 37 संदिग्ध संस्थाओं के बैंक खाते सीज किए हैं। जिसमें करीब 2.12 करोड़ रुपये जमा है। यह जानकारी मिली है फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) संस्था की हालिया रिपोर्ट से।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टेरर फंडिंग पर अंकुश लगाने की सख्त जरूरत के एलान के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों ने कमर कस ली है। सरकार की सभी खुफिया और वित्तीय संस्थान अब पाकिस्तान के दो सबसे बड़े आतंकी संगठन लश्करे-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद तक पहुंचने वाले धन का लेखा जोखा तैयार करेंगे।
लश्कर और जैश समेत उन सभी आतंकी संगठनों के मनी ट्रेल का खाका भी तैयार किया जा रहा है , जो सीधे या परोक्ष तरीके से भारत के खिलाफ कार्रवाई में शामिल हैं। पेरिस पर हुए हमले और इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों तक पहुंचने वाले फंड पर रोक लगाने की मंशा से यह रिपोर्ट जारी की गई है। इसमें बताया गया है कि 15 अगस्त तक भारत ने 3 7 संस्थाओं के संदिग्ध बैक
खाते सीज कर दिए हैं।