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यूपी के इस शहर को IS से बड़ा खतरा, एजेंसियों ने डेरा डाला

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पेरिस में आतंकी संगठन आईएस के खूनी खेल के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं।
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अतिसंवेदनशील सहारनपुर में आतंकी कनेक्शन की आशंकाओं और आईएस कनेक्शन की तलाश में केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने डेरा डाल दिया है। स्थानीय खुफिया एजेंसियों के साथ केंद्रीय एजेंसी की पड़ताल को लेकर पुलिस प्रशासन भी बेहद अलर्ट है। इससे पहले सहारनपुर में वर्ष 2010 में चिह्नित किए गए 10 संदिग्धों पर भी पूरी नजर रखी जा रही है।

दरअसल, देश की कई बड़ी आतंकी गतिविधियों में सहारनपुर कनेक्शन के चलते पेरिस हमले के बाद से ही खुफिया एजेंसियां सहारनपुर को लेकर बेहद अलर्ट हैं। हाल ही में पेरिस में हुए आईएसआईएस के हमले के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने सहारनपुर के आतंकी कनेक्शन की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए खुफिया एजेंसी ने डेरा डाल रखा है।
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देशभर में 150 से ज्यादा संदिग्धों को किया गया है चिन्हित

आपको बता दें कि खुफिया एजेंसियों ने देश में ऐसे 150 लोगों की पहचान की है, जो आईएस की गतिविधियों से प्रभावित हैं। इनमें ज्यादातर दक्षिण भारत के युवक हैं, जो ऑनलाइन यानी सोशल मीडिया या इंटरनेट के माध्यम से आईएसआईएस के संपर्क में हैं। चूंकि सहारनपुर संवेदनशील जनपदों में है। ऐसे में स्थानीय खुफिया विभाग के साथ ही केंद्रीय एजेंसियों की विंग भी यहां तलाश के लिए पहुंची हुई है।

खुफिया विभाग के सूत्रों ने बताया कि सहारनपुर में वर्ष 2010 तक के ऐसे दस लोगों को चिह्नित किया गया है, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध रही हैं। बाकायदा इनके नाम और एड्रेस तक खुफिया अधिकारियों के पास हैं। एजेंसियां इनके सोशल मीडिया पर बने अकाउंट को भी खंगाल रही हैं।

इसके अलावा 2010 के बाद नए लोग किसी आतंकी संगठन या आईएस के संपर्क में न आए हों। इसकी भी बारीकी से जांच की जा रही है।
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सहारनपुर से ऐसे रहा है आतंकी कनेक्शन

करीब 20 बरस पहले जैश ए मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर को छुड़ाने के लिए यहां पांच विदेशी नागरिकों को बंधक बनाकर खाताखेड़ी में रखा गया था। हालांकि पुलिस ने विदेशी नागरिकों को सकुशल रिहा करा लिया था।

इसके अलावा पाक के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ा गया शाहिद इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल भी लंबे समय तक सहारनपुर में रहा। जनवरी, 2010 में भी रुड़की के गंगनहर थाना पुलिस के साथ एटीएस, एसटीएफ द्वारा पकड़े गये आईएसआई एजेंट आबिद अली उर्फ असद अली उर्फ अबू बकर उर्फ अजीत सिंह निवासी हंजरवाल, थाना ठोकर न्याजबेग, लाहौर से भी गोपनीय दस्तावेज और रुड़की छावनी का नक्शा बरामद हुआ था। उसने सहारनपुर के छुटमलपुर में रहकर यह जानकारियों एकत्रित की थी।

मार्च, 2010 को मुंबई में आतंकी संगठन लश्कर के रियाज, अब्दुल लतीफ को मुंबई एटीएस ने पकड़ा था। उसके पास से सहारनपुर और मऊ के फोन नंबर मिले थे। करीब दो साल पहले लश्कर आतंकी अब्दुल सुभान के पुत्र आलम को भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देवबंद से हिरासत में लिया था। वह यहां रहकर पढ़ाई कर रहा था।

अब्दुल सुभान पर आरोप था कि उसने मुजफ्फरनगर दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा कर यहां के युवकों का ब्रेन वॉश कर संगठन से जोड़ा था। वह पाकिस्तान में बैठे लश्कर कमांडर जावेद बलूची से सीधे संपर्क में था। इसके अलावा छह सितंबर 2014 को सहारनपुर रेलवे स्टेशन से इंडियन मुजाहिदीन का आतंकी एजाज सईद शेख की गिरफ्तारी ने एक बार सहारनपुर के आतंकी कनेक्शन को उजागर किया था।

एसएसपी आरपी सिंह यादव ने बताया कि देशभर में हाईअलर्ट के बाद से सहारनपुर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। खुफिया एजेंसियां सहारनपुर में किस स्तर पर काम कर रही हैं? गोपनीयता की वजह से यह बता पाना ठीक नहीं है। मगर एजेंसियां अपने काम में जुटी हैं। इसके अलावा पुराने इनपुट के आधार पर पुलिस भी जानकारी एकत्र करने में जुटी है।
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