केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) वर्ष 2013 में होने वाली परीक्षाओं में कंप्यूटर से उत्तर पुस्तिका की ऑनस्क्रीन मार्किंग की योजना शुरू करने जा रहा है। पहले चरण में दसवीं की परीक्षा से इसकी शुरुआत होगी। 2014 में बारहवीं की परीक्षाओं की कॉपी की भी डिजिटल तरीके से जांची जाएगी। सीबीएसई की इस योजना से कॉपी जांचने के काम में पारदर्शिता आएगी और समय की बचत भी होगी। सीबीएसई इसके लिए बाहरी एजेंसी की मदद लेगा।
कंप्यूटर आधारित स्कैनिंग और आंसरशीट की ऑन स्क्रीन मार्किंग से जहां उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल भंडारण किया जा सकेगा, वहीं पुनर्मूल्यांकन करवाने वाले छात्रों को भी संतुष्ट किया जा सकेगा। इससे सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का पालन भी हो जाएगा, जिसमें कोर्ट ने आरटीआई के तहत छात्रों को आंसरशीट दिखाना अनिवार्य किया है। सीबीएसई की सोच है कि कंप्यूटर से आंसरशीट की मार्किंग होने से न केवल रिजल्ट जल्दी आएगा, बल्कि पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
कैसे होगी ऑन स्क्रीन मार्किंग
ऑन स्क्रीन मार्किंग के लिए कंप्यूटर पर आंसरशीट उपलब्ध होगी। उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके एक सेंट्रल सर्वर में एकत्र किया जाएगा। फिर इन्हें केंद्रों पर चेक होने के लिए भेजा जाएगा। इन्हें शिक्षक कंप्यूटर पर ही जांचेंगे। इसमें अंक भी डिजिटल तरीके से दिए जाएंगे। लिहाजा कंप्यूटर गलत अंक लेगा ही नहीं। जिस सवाल के लिए जो अंक निर्धारित किए गए हैं गलती से भी उससे ज्यादा अंक नहीं दिए जा सकेंगे। इससे गलती की गुंजाइश भी काफी कम हो जाएगी।
परीक्षकों को दिसंबर में दी जाएगी ट्रेनिंग
ऑन स्क्रीन मार्किंग स्कीम के लिए जिस भी सर्विस प्रोवाइडर को चुना जाएगा वह बोर्ड द्वारा नियुक्त परीक्षकों को 2013 की परीक्षा के लिए दिसंबर में ट्रेनिंग देगा, जिससे कि वे स्क्रीन पर मार्किंग प्रक्रिया को ठीक से समझ सकें।