सीबीआई बुधवार को अहमदाबाद की विशेष कोर्ट में इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर मामले में अपनी चार्जशीट दाखिल करेगी। इसके बाद 4 जुलाई बृहस्पतिवार को जांच एजेंसी इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट गुजरात हाईकोर्ट में दायर करेगी।
माना जा रहा है सीबीआई अपनी पहली चार्जशीट में खुफिया ब्यूरो (आईबी) के विशेष निदेशक और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजेंद्र कुमार का नाम शामिल नहीं करेगी। हालांकि उनका नाम जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट में शामिल किया जा सकता है।
सीबीआई का दावा है कि आईबी ने एनकाउंटर से पहले इशरत और अन्य तीन के साथ पूछताछ की थी और इसके बाद गुजरात क्राइम ब्रांच की टीम ने फर्जी एनकाउंटर में चारों को मार गिराया।
सीबीआई प्रमुख रंजीत सिन्हा के मुताबिक, जांच एजेंसी का मुख्य फोकस घटना में सीधे रूप से शामिल रहे लोगों पर रहेगा न कि इसकी साजिश में शामिल लोगों पर। आईबी के विशेष निदेशक का नाम नहीं शामिल करने को लेकर सीबीआई पर गृहमंत्रालय का दबाव भी पड़ रहा है।
मंत्रालय का कहना है कि कुमार के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सीबीआई को पहले उससे अनुमति लेनी होगी। गुजरात क्राइम ब्रांच ने 15 जून 2004 को अहमदाबाद के पास एनकाउंटर में इशरत, जावेद शेख उर्फ प्रणीश पिल्लई, अमजद अली अकबरअली राणा और जीशान जौहर को लश्कर आतंकी बताते हुए मार गिराया था।
सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने मंगलवार को इंटरपोल कांफ्रेंस के इतर बताया कि हमने गुजरात हाईकोर्ट में वादा किया था कि इस मामले में 4 जुलाई को चार्जशीट दाखिल कर देंगे और हम ऐसा ही करेंगे। हम प्रीलिमरी चार्जशीट दाखिल करेंगे।
इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को गुजरात के एडिशनल डीजीपी पीपी पांडे की इशरत मामले में खुद के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
संसदीय समिति में उठा इशरत मामला
इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर में खुफिया ब्यूरो के विशेष निदेशक राजेंद्र कुमार की भूमिका को लेकर उत्पन्न विवाद का मामला संसदीय समिति की बैठक में भी उठा।
समिति में शामिल भाजपा सांसदों ने कुमार का पक्ष लेते हुए दावा किया था कि एनकाउंटर में मारे गए सभी लोग लश्कर ए ताइबा के आतंकी थे।
गृहमंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक में भाजपा सांसद विनय कटियार और योगी आदित्य नाथ ने कहा कि आईबी के विशेष निदेशक को निशाना बनाया जाना गलत है।