सीबीआई ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति पर कथित तौर पर एफसीआरए उल्लंघन मामले की जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए दोनों को हिरासत में लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
तीस्ता पर विदेश से मिले धन के दुरुपयोग और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खतरा पैदा करने का आरोप है।
निचली अदालत के इनकार के बाद बांबे हाईकोर्ट ने 11 अगस्त को तीस्ता और उनके पति जावेद आनंद को अग्रिम जमानत दे दी थी। अब एजेंसी ने कई और तथ्यों के साथ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।