कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले की कालिख ने सीबीआई अधिकारियों के हाथ भी रंग दिए हैं।
बीती रात सीबीआई ने कोलगेट जांचदल की अगुवाई कर रहे अपने पुलिस अधीक्षक, एक इंस्पेक्टर और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
इन अधिकारियों पर जमीन से जुड़ा विवाद निपटाने के लिए सीबीआई मुख्यालय के बाहर एक कारोबारी से 7 लाख रुपए रिश्वत लेने का आरोप है।
सीबीआई के आंतरिक सतर्कता विभाग ने इंस्पेक्टर राजेश को एसपी विवेक दत्त की ओर से रिश्वत लेते वक्त रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दत्त कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच में जुटे दल की अगुवाई कर रहे थे।
सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने बताया, 'हमें इस तरह का लेन-देन होने की खबर मिली थी और इन अधिकारियों पर लगातार निगाह रखी जा रही थी। काफी लंबे वक्त तक नजर रखने के बाद इन्हें हिरासत में ले लिया गया।'
उन्होंने बताया कि सीबीआई जल्द ही इस बारे में सुप्रीम कोर्ट को जानकारी देगी, क्योंकि शीर्ष अदालत ने आदेश दिया है कि घोटाले से जुड़ी जांच में शामिल किसी भी अधिकारी का तबादला उसे बताए बिना नहीं किया जाएगा।
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि रिश्वत देने वाले कारोबारी और जमीन विवाद से जुड़े एक और व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी को यह खबर मिली थी कि इकनॉमिक ऑफेंसेस विंग में तैनात दत्त ने रिश्वत के बदले जमीन से जुड़ा विवाद निपटाने की डील की थी।
सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने यह सुराग दिया कि यह कथित डील शुक्रवार शाम होने वाली है।
इस बारे में सीबीआई निदेशक को जानकारी दी गई और उन्होंने आरोपी अधिकारियों को गिरफ्तार करने की रजामंदी दे दी।
राजेश को उस वक्त हिरासत में लिया गया, जब पैसों का लेन-देन हो रहा था और बाद में दत्त को भी हिरासत में ले लिया गया।