सीबीआई ने कोलगेट मामले में आदित्य विक्रम बिड़ला की कंपनी हिंडाल्को और बेनाम सरकारी अधिकारियों के खिलाफ ताजा केस दर्ज किया है। एफआईआर में कंपनी का नाम इंडल लिखा गया है जिसका नया नाम हिंडाल्को है।
एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई ने हिंडाल्को के मुंबई और ओडिशा के चार ठिकानों पर छापेमारी की है। सीबीआई 27 तारीख को कोलगेट की जांच का स्टेटस रिपोर्ट अदालत को सौंपने वाली है।
आरोप है कि कंपनी ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर ओडिशा के तालाबीरा-1 खदान से गैरकानूनी तरीके से कोयला निकाला। हिंडाल्को को यह खदान 1994 में दी गई थी। कोलगेट मामले में यह सीबीआई की 38वीं एफआईआर है। सीबीआई के मुताबिक हिंडाल्को को यह ब्लॉक नए पॉवर प्लांट के विस्तार के लिए आवंटित किया गया था। जबकि कंपनी इसका इस्तेमाल पुराने संयंत्र में कर रही थी।
सीबीआई का यह भी आरोप है कि कुछ समय बाद कोयला बिना सरकारी इजाजत के निकाला जाता रहा। सरकारी अधिकारियों को इस बात की पूरी जानकारी थी। लेकिन किसी ने इसे रोकने की कोशिश नहीं की। गौरतलब है कि तालाबीरा के ही एक अन्य कोयला ब्लाक मामले में हिंडाल्को के मालिक आदित्य बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख आरोपी हैं। इस सिलसिले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इसी हफ्ते सोमवार को पूछताछ की गयी है।