सीबीआई ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदेबाजी की जांच को तेज करते हुए बृहस्पतिवार को एयरोमैट्रिक्स के पूर्व बोर्ड सदस्य और वकील गौतम खेतान से करीब आठ घंटे पूछताछ की।
बुधवार को एजेंसी ने पूर्व एयर चीफ मार्शल एस पी त्यागी सहित उनके तीन चचेरे भाईयों से भी लंबी पूछताछ की थी। एसपी त्यागी को दोबारा भी पूछताछ के लिए सीबीआई मुख्यालय बुलाया जा सकता है।
इटली जांच एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरोमैट्रिक्स चंडीगढ की उन दो कंपनियों में से एक है जिसके जरिए मॉरीशस और ट्यूनीशिया से 362 करोड़ रुपये की रकम बतौर घूस भारत आई थी।
सीबीआई चंडीगढ़ की दूसरी कंपनी आईडीएस इंफोटेक के सीईओ और एयरोमैट्रिक्स के दूसरे अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। इटली की अदालत में पेश जांच रिपोर्ट के मुताबिक, हेलीकॉप्टर सौदेबाजी के टेंडर में हेरफेर के लिए एसपी त्यागी को दिए गए 72 करोड़ रुपए भी इन्हीं कंपनियों की आड़ में आए थे।
सीबीआई मनीट्रेल की इन जानकारियों को पुख्ता करने में जुटी है। इसके लिए वह कस्टम विभाग की भी मदद ले रही है। इसके अलावा सीबीआई यह भी पता लगा रही है कि भारत में किन लोगों तक बाकी की रकम पहुंची।
सीबीआई ने इस सिलसिले में एक प्रिलिमनरी इन्क्वायरी (पीई) दर्ज की है जिसमें एस पी त्यागी और उनके भाईयों समेत 11 लोगों और चार कंपनियों को नामजद किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक गौतम खेतान रक्षा सौदेबाजी की दुनिया का पुराना नाम है। खेतान कुख्यात रक्षा दलाल अभिषेक वर्मा के साथ जुड़ा था। वह 1998 से 2008 तक वर्मा के अदालती कामकाज भी देखता था।
हालांकि पैसे के चलते हुए मतभेद की वजह से बाद में उसने वर्मा का साथ छोड़ दिया। सीबीआई को खेतान के हेलीकॉप्टर सौदेबाजी में भी शामिल होने के बारे में इटली की जांच रिपोर्ट से पता चला।
सूत्रों ने बताया कि इन दोनों कंपनियों ने अपने सॉफ्टवेयर मॉरीशस और ट्यूनीशिया निर्यात किए थे। उसी के भुगतान के तौर पर घूस की यह रकम भेजी गई।