वर्ष 1993 के मुंबई धमाकों के आरोपी अबू सलेम को बड़ी राहत मिल सकती है। दरअसल, सीबीआई सलेम पर लगे मुंबई धमाकों के आरोपों को वापस लेने के लिए कानूनी सलाह ले रही है। दिल्ली और मुंबई पुलिस द्वारा सलेम पर लगाए गए आरोपों को हटाने के लिए सीबीआई इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट जा सकती है।
इसके पीछे एक बड़ी वजह भारत की दलीलों को पुर्तगाल कोर्ट द्वारा खारिज करना भी बताया जा रहा है। इस अपील के तहत भारत ने अबू सलेम पर 1993 में हुए मुंबई हमलों का मामला चलाने की अनुमति मांगी थी। गौरतलब है कि 11 नवंबर 2005 को अबू सलेम को प्रत्यर्पण संधि के तहत पुर्तगाल से लाया गया था।
मगर पुर्तगाल कोर्ट के मुताबिक सलेम को तभी प्रत्यर्पित किया गया है जब इस बात को हामी भरी गई कि उसे न तो फांसी की सजा दी जा सकती है और न ही 25 वर्ष कैद से अधिक की सजा सुनाई जा सकती है। मगर इसके बावजूद दिल्ली, मुंबई पुलिस ने सलेम पर मौत की सजा से संबंधित धाराएं लगाईं थीं। इस संबंध में भारत सितंबर 2010 में पुर्तगाल कोर्ट में केस हार चुका है।
अब पुर्तगाल की कोर्ट ने सलेम पर मुंबई बम धमाकों का आरोप लगाने को दोनों देशों के बीच हुए प्रत्यर्पण करार का उल्लंघन माना है, जिसके बाद उसने सलेम के प्रत्यर्पण को रद्द कर दिया है। सीबीआई ने मौजूद समस्याओं के मद्देनजर सलेम से 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों का आरोप उस पर से हटाने का मन बनाया है। यदि भारत पुर्तगाल कोर्ट को नजरअंदाज कर सलेम पर मुंबई बम धमाकों के तहत मुकदमा चलाता है तो भविष्य में पुर्तगाल से किसी भी अपराधी का प्रत्यर्पण भारत के लिए मुश्किल हो जाएगा।