सीओ जियाउल हक हत्या मामले में सीबीआई के अपनी चार्जशीट में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ किसी आरोप पर जोर नहीं देगी। यह संभावना सीबीआई सूत्रों ने जाहिर की है।
प्रतापगढ़ स्थित बलीपुर गांव के प्रधान नन्हे यादव की हत्या के बाद भड़की हिंसा में सीओ हक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
सीबीआई सूत्रों ने कहा कि एजेंसी 2 मार्च की शाम को हुई हिंसा और हत्याओं के संदर्भ में जल्द ही अपनी चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी को इलाके के ताकतवर राजनेता राजा भैया के खिलाफ अभी तक कोई सुबूत नहीं मिला है। मारे गए सीओ हक की पत्नी ने एफआईआर में राजा भैया को आरोपी बनाया था।
सूत्रों का कहना है कि एजेंसी ने हर एंगल से मामले की जांच की है लेकिन हत्या या फिर घटना की साजिश में राजा भैया की सीधी संलिप्तता का कोई सुबूत नहीं मिला है। एजेंसी जल्द ही संबंधित कोर्ट के सामने चार्जशीट दाखिल करेगी और यदि राजा भैया के खिलाफ कोई सुबूत मिलता है तो वह पूरक चार्जशीट दाखिल करेगी।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई पुलिस अधिकारी की हत्या में मारे गए प्रधान नन्हे यादव के बेटे बबलू यादव को मुख्य आरोपी बनाएगी जबकि नन्हे यादव की हत्या में कामता पाल के दो बेटों अजय पाल और विजय पाल को आरोपी बनाएगी।
सूत्रों का कहना है कि नन्हे और कामता के बीच जमीन विवाद था, इसी के चलते नन्हे की हत्या की गई।