पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह को 14 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश संबंधी शिकायत पर जांच को सीबीआई बंद कर सकती है।
पूर्व सेना प्रमुख ने अपनी शिकायत में कहा था कि एक रिटायर सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह ने टेट्रा बीईएमएल ट्रकों की खरीद को मंजूरी देने के लिए यह पेशकश की थी।
यह मामला पिछले साल काफी सुर्खियों में रहा था। हालांकि अपने दावे के समर्थन में पूर्व सेना प्रमुख ने अभी तक कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया है। इसी वजह से जांच बंद की जा सकती है।
वरिष्ठ सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल जनरल (रिटायर) सिंह का बयान रिकॉर्ड करने के बाद जांच एजेंसी ने मामले की पड़ताल के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थी लेकिन एक साल की जांच में कुछ भी निकल कर नहीं आया है।
पूर्व सेना प्रमुख ने दावा किया था कि इस मामले में रिटायर अधिकारी और अन्य लोगों की संलिप्तता साबित करने वाले कुछ दस्तावेज हैं लेकिन उन्होंने अभी तक इन दस्तावेज को सीबीआई के साथ साझा नहीं किया है।
अधिकारियों ने बताया कि जनरल सिंह के अनुसार रिश्वत की पेशकश 2010 में की गई थी। हालांकि इस मामले में दो साल से अधिक समय तक चुप्पी साधे रखने का जवाब पूर्व सेना प्रमुख नहीं दे सके।
पिछले साल 10 अप्रैल को जांच एजेंसी को जनरल सिंह की ओर से शिकायत मिली थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि रिटायर जनरल तेजिंदर सिंह ने उन्हें रिश्वत की पेशकश की थी।
हालांकि तेजिंदर सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से गलत बताया था।