कटरा सआदतगंज मामले की जांच कर रही सीबीआई को यूपी ब्रिज कारपोरेशन की ओर से मायूसी हाथ लगी है। गंगा के मौजूदा जलस्तर में ब्रिज कारपोरेशन ने दोनों लड़कियों के शव निकालने में असमर्थता जताई है। ऐसे में शवों के दोबारा पोस्टमॉर्टम की संभावना क्षीण होती दिख रही हैं।
ब्रिज कारपोरेशन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि गंगा का जलस्तर कम होने तक वह कुछ नहीं कर सकता है। इस बीच, नरौरा, बिजनौर और हरिद्वार बैराज से मिली सूचनाओं से स्पष्ट है कि अगले पंद्रह दिन तक यहां वाटर डिस्चार्ज में कोई कमी आने वाली नहीं है।
दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के लिए सीबीआई ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ शनिवार को अटैना घाट पर दफनाए गए लड़कियों के शव निकालने के लिए मशक्कत की थी। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण कामयाबी न मिलने पर जांच एजेंसी ने ब्रिज कारपोरेशन से मदद मांगी थी।
फिलहाल शव निकालना नामुमकिन
रविवार दोपहर ब्रिज कारपोरेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके अग्रवाल के नेतृत्व में चार सदस्यों की एक टीम मुआयने के लिए अटैना घाट पहुंची। ब्रिज कारपोरेशन के अधिकारियों की मानें तो गंगा का पानी कब्रों के 54 मीटर आगे तक पहुंच गया है। यही नहीं, कब्रों के ऊपर भी करीब छह फीट पानी वह रहा है।
ऐसे में फिलहाल शव निकालना नामुमकिन है। ब्रिज कारपोरेशन की टीम ने यहां डैम बनाने और गंगा का बहाव मोड़ने की संभावनाओं को भी तलाशा लेकिन नतीजा सिफर रहा।
इस बीच सीबीआई सूत्रों ने कहा कि अब गंगा का जलस्तर कम होने का इंतजार किया जाएगा। जलस्तर घटने के बाद एक बार फिर शव निकालने की कोशिश की जा सकती है। इसके साथ ही सूत्रों ने दावा किया कि अगर दोबारा पोस्टमॉर्टम में कामयाबी नहीं मिलती है, तो भी जांच प्रभावित नहीं होगी। घटना का खुलासा करने के लिए जांच एजेंसी पर्याप्त सबूत जुटा चुकी है।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट संग बाग में फिर पहुंची सीबीआई
सीबीआई ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ कटरा सआदतगंज गांव में एक बार फिर आम के बाग में पहुंच कर क्लू तलाशने की कोशिश की। करीब दो घंटे आम के बाग में रुकी टीम में शामिल फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने आम के पेड़ की नाप-जोख की और आसपास रहने वाले गांव के लोगों से बातचीत की।
रविवार सुबह करीब दस बजे फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ गांव पहुंची सीबीआई की टीम ने गांव पहुंचते ही आम के उस बाग का रुख किया, जहां रेप के बाद हत्या कर लड़कियों के शव आम के पेड़ पर लटका दिए गए थे।
यहां मुख्य गवाह बाबूराम और पीड़ित परिवार के लोगों को भी बुला लिया गया था। बता दें कि शनिवार को अटैना गंगा घाट पर कब्रों की खुदाई में नाकाम रहने के बाद सीबीआई की टीम ने बदायूं वापस लौटने से पहले भी कुछ देर तक इसी बाग में क्लू तलाशने की कोशिश की थी।
तीनों डॉक्टरों से फिर हुई पूछताछ
सीबीआई टीम ने शनिवार को कटरा सआदतगंज गांव पहुंच कर फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम के साथ आम के बाग का जायजा लिया। इसी दौरान पोस्टमॉर्टम करने वाले स्थानीय पैनल के तीनों डॉक्टरों को मंडी समिति गेस्ट हाउस बुलाकर उनसे पूछताछ की। 28 मई को दोनों लड़कियों के शवों का पोस्टमॉर्टम डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजीव गुप्ता और डॉ. पुष्पापंत त्रिपाठी के पैनल ने किया था। 13 जून को मामले में रिपोर्ट दर्ज कर सीबीआई ने जब मामले की जांच शुरू की तो डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की खामियां सामने आई थीं।
लड़कियों के भाई का मोबाइल सीबीआई ने लौटाया
कटरा सआदतगंज कांड की जांच कर रही सीबीआई ने लड़कियों के भाई का मोबाइल वापस कर दिया है। दरअसल शनिवार को अटैना घाट पर कब्रों की खुदाई की मशक्कत के दौरान लड़कियों का भाई भी वहां मौजूद था। उसके पास मोबाइल भी था। जांच एजेंसी पूरा अभियान पर्दे में रखना चाहती थी। ऐसे में उसको शक था कि मोबाइल के जरिए लड़कियों का भाई कब्रों की खुदाई के फोटो ले सकता है। ऐसे में सीबीआई ने लड़कियों के भाई का मोबाइल अपने कब्जे में लिया था।