आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच का सामना कर रहीं बसपा सुप्रीमो मायावती को मंगलवार को बड़ी राहत मिली। सीबीआई ने उनके खिलाफ नौ साल पुराने मामले को बंद कर दिया है।
जांच एजेंसी ने यह कदम इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कानूनी राय मिलने के बाद उठाया है। इससे पहले एजेंसी सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को भी इसी तरह के मामले में क्लीनचिट दे चुकी है।
एजेंसी के इस फैसले से केंद्र की यूपीए सरकार को कई नाजुक मौकों पर संकट से उबारने वाले उत्तर प्रदेश की दो अहम पार्टियों के प्रमुख नेता आय से अधिक संपत्ति के आरोप से मुक्त हो गए हैं।
सीबीआई के उच्चपदस्थ सूत्र ने बताया कि एजेंसी ने मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया है। सूत्र का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच को जारी रखने के पक्ष में कानूनी राय नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल जुलाई में दर्ज एफआईआर पर सीबीआई की खिंचाई की थी और कहा था कि उसने दायरे से बाहर जाकर यह मामला दर्ज किया। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने मायावती के खिलाफ ताज कॉरिडोर में अनियमितता की जांच का आदेश दिया था।
आरोप था है कि तत्कालीन मायावती सरकार ने बिना औपचारिक स्वीकृति के सरकारी खजाने से ताज कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए 17 करोड़ रुपये जारी किए थे। एजेंसी ने इसी जांच के सिलसिले में मायावती के खिलाफ आय के अधिक संपत्ति मामला भी दर्ज कर लिया था।
गौरतलब है कि मायावती के खिलाफ ताज कॉरिडोर का मामला अभी भी चल रहा है।