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CBI और FBI की साझा कार्रवाई में सनसनीखेज खुलासे

Sat, 25 Jan 2014 08:03 AM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीबीआई ने अमेरिका, चीन और रोमानिया की एजेंसियों के साझा ऑपरेशन में देश के चार हैकिंग ठिकानों पर छापेमारी की।
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देश में पहली बार हुई ऐसी कार्रवाई में पैसे के लिए दूसरे के एकाउंट और ई-मेल हैक करने के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है।

अब तक दो एफआईआर दर्ज
सीबीआई को शक है कि भारत में बैठे कुछ हैकर्स ने आईपीएल टूर्नामेंट और देश की सुरक्षा से जुड़े लोगों के एकाउंट भी हैक किए हैं। इस मामले में अब तक दो एफआईआर दर्ज की गई हैं।

सीबीआई के साथ ही इसी तरह की कार्रवाई चीन, अमेरिका और रोमानिया में भी की गई है। छापेमारी के बाद पुणे के तेज तर्रार और पेशे से इंजीनियर हैकर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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31 साल के अमित विक्रम तिवारी नाम के इस हैकर की खासियत है कि यह किसी भी एकाउंट का पासवर्ड आसानी से पता कर सकता है।

हालांकि सीबीआई पूरी जांच के पहले पक्के तौर पर कुछ भी नहीं बोल रही।

सीबीआई के मुताबिक सीबीआई को अमेरिकी एजेंसी एफबीआई, चीन की मिनिस्ट्री ऑफ पब्लिक सिक्योरिटी और रोमानिया की एजेंसी कॉम्बैटिंग ऑर्गनाइज्ड क्राइम ने सरकार को उनके देश में हो रही ऐसी हैकिंग की जानकारी दी जिनके तार भारत से जुड़े थे।

कई जगहों पर छापेमारी
भारत की ओर से सीबीआई इस मामले पर करीब पांच महीने से काम कर रही थी। ठोस सुराग मिलते ही सीबीआई ने शुक्रवार को पुणे, मुंबई और दिल्ली से सटे गाजियाबाद में चार जगहों पर छापेमारी की।

सीबीआई के मुताबिक गाजियाबाद का एक शख्स शक के घेरे में है जो पहले तिवारी का ग्राहक था और बाद में इस धंधे जुड़ गया।

सीबीआई के मुताबिक मामले का मुख्य आरोपी तिवारी हरेक हैकिंग और पासवर्ड बताने के लिए 15 से 30 हजाए रुपये लिया करता था। विदेशी ग्राहकों से इसके पेमेंट डॉलर में भी आते थे।

सीबीआई ने बताया कि इन्होंने ने अब तक 900 से भी ज्यादा एकाउंट हैक किए हैं। इनमें 171 भारतीय हैं और बाकी विदेशी एकाउंट है। इस काम के लिए अमेरिका में स्थित सर्वर का इस्तेमाल किया जाता था।
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काफी शातिर है गिरफ्तार इंजीनियर
छापेमारी में गिरफ्तार पुणे का इंजीनियर अमित विक्रम तिवारी काफी शातिर है। 31 वर्षीय अमित नाम के इस हैकर की खासियत है कि यह किसी भी एकाउंट का पासवर्ड बड़ी आसानी से पता कर सकता है। इस काम के लिए अमेरिका स्थित सर्वर का इस्तेमाल किया जाता था।

हैकिंग और पासवर्ड के लेता था 30 हजार
तिवारी हर हैकिंग और पासवर्ड बताने के लिए 15 से 30 हजाए रुपये लिया करता था। विदेशी ग्राहकों से इसके पेमेंट डॉलर में भी आते थे।

अब तक हैक किए सैकड़ों एकाउंट
इन संदिग्ध हैकरों ने अब तक 900 से भी ज्यादा एकाउंट हैक किए हैं। इनमें 171 भारतीय हैं और बाकी विदेशी एकाउंट हैं।
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