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कालाधन: खाताधारकों पर दर्ज होंगे केस

Thu, 29 Nov 2012 01:15 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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आयकर विभाग ने जिनेवा में एचएसबीसी बैंक की शाखा के गुप्त खातों में बड़ी राशि जमा करने वालों के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। विभाग ने इस बारे में वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर विदेशी खातों में जमा राशि की तय सीमा सुझाने को कहा है, जिसके आधार पर वह कर वंचना या कर चोरी के मामले शुरू कर सके।
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उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि इस बारे में पांच करोड़ रुपये की सीमा निर्धारित किए जाने पर विचार किया जा रहा है। इसके आधार पर फ्रांस सरकार द्वारा भारत को सौंपी गई एचएसबीसी की जिनेवा शाखा के गुप्त खाताधारकों की सूची में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि पांच करोड़ से कम की राशि वाले खाताधारकों का मामला आयकर कानून के तहत कर चोरी के मामले की तरह निपटाया जा सकता है। वैसे, विभाग हर मामले के आकार के हिसाब से ही कार्रवाई के तरीके का फैसला करेगा।

सूत्रों के मुताबिक इस मामले में आयकर विभाग द्वारा कई खाताधारकों के यहां तलाशी व पूछताछ की गई है। इनमें से कई के खाते में महज कुछ हजार या कुछ लाख रुपये की छोटी रकम जमा होने की बात सामने आई है। इसलिए अब यह निर्धारित करने के लिए एक नीति बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है कि किन लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएं और किन के मामले आयकर कानून के तहत जुर्माना वसूल कर निपटाए जाएं।
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आयकर विभाग वित्त मंत्रालय के मार्फत स्विट्जरलैंड के कर विभाग से पहले ही कुछ लोगों के खातों के बारे में विस्तृत जानकारियां हासिल करने को लेकर संपर्क कर चुका है। जांच में यह बात सामने आई कि कुछ लोगों के फर्जी नामों से अन्य बैंक खाते भी हैं। भारत ने पिछले साल फ्रांस सरकार से एचएसबीसी में 700 से अधिक बैंक खातों के बारे में जानकारी हासिल की थी।

सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग ने अब तक 80 मामलों में 438 करोड़ रुपये की ऐसी आमदनी का पता लगाया है, जिसका खुलासा नहीं किया गया। इन मामलों में अब तक 135 करोड़ रुपये का कर वसूला गया है। कालेधन को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल द्वारा सरकार पर निष्क्त्रिस्य रहने का आरोप लगाने के बाद वित्त मंत्रालय ने हाल ही में कहा था कि इस बारे में जांच प्रगति पर है।
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