फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांठ: संगीत सोम पर साजिश का मुकदमा

Sun, 06 Jul 2014 08:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद, मेरठ
विज्ञापन
विज्ञापन
कांठ बवाल के लिए पुलिस ने मुजफ्फर नगर दंगे के आरोपी सरधना विधायक संगीत सोम और महापंचायत के आयोजक पूर्व कांठ विधायक राजेश चुन्नू को जिम्मेदार ठहराते हुए दोनों को बवाल की साजिश रचने में नामजद किया है। उधर, कांठ बवाल में गिरफ्तार भाजपा के दो जिलाध्यक्षों समेत 62 कार्यकर्ताओं को दिनभर पुलिस लाइन में रखने के बाद पुलिस ने शनिवार शाम को मेडिकल कराकर कोर्ट में पेश किया। जहां से अभियुक्तों में शामिल दो अधिवक्ताओं को जमानत पर रिहा कर दिया गया जबकि बाकी सभी को अदालत ने जेल भेज दिया।
विज्ञापन


इन सभी पर पुलिस ने हत्या के प्रयास, बलवे, 7 क्रिमनल अमेंडमेंट एक्ट समेत करीब डेढ़ दर्ज धाराएं लगाई हैं। बलवे में तीन सौ अज्ञात व्यक्तियों पर भी केस दर्ज किया गया है। भाजपाइयों को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लाए जाने पर यहां मौजूद मुट्ठीभर भाजपाइयों ने भाजपा जिंदाबाद की मामूली नारेबाजी भी की। लेकिन सरकार या पुलिस प्रशासन के खिलाफ कोई एक नारा भी नहीं लगा।

ये लगाई धाराएं
147, 148, 149, 307, 353, 332, 336, 341, 337, 338, 323, 504, 506, 349 आईपीसी, 7 क्रिमनल अमेंडमेंट एक्ट, 3/4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 150,151 रेल अधिनियम। कांठ थाने पर दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 190/14 के वादी कांठ थानाध्यक्ष हैं और आरोपियों पर रेल ट्रैक पर कब्जे, पथराव कर डीएम को जख्मी करने के भी आरोप हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन

सपा अपनी नाकामी हम पर न थोपे: संगीत सोम

मुरादाबाद जिले के कांठ में बवाल के बाद सियासी दलों की भूमिका को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रदेश सरकार भाजपा नेताओं को कठघरे में खड़ा कर रही है। वहीं, भाजपा नेता इस बवाल को राज्य सरकार की नाकामी का नतीजा बता रहे हैं। इधर, सरधना विधायक संगीत सोम का कहना है कि प्रदेश सरकार जनप्रतिनिधियों से जनता के साथ खड़े होने का हक नहीं छीन सकती।

संगीत सोम ने कहा, सरकार अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए भाजपा नेताओं पर आरोप लगा रही है। हम तो वहां अब गए हैं। उससे पहले भी मामला चल रहा था। हम वहां मामले में निष्पक्षता की बात करने गए थे। कोई चाहे किसी भी धर्म का हो, उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, लोगों को कोई समस्या है और शासन-प्रशासन नहीं सुन रहा है तो जनप्रतिनिधियों को उनका साथ देना चाहिए। इसके लिए किसी क्षेत्र की सीमा नहीं तय की जा सकती। मामले को ध्रुवीकरण से जोड़ने के आरोपों पर सोम ने कहा, भाजपा ने लोकसभा चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा। विधानसभा चुनाव भी इसी मुद्दे पर लड़ा जाएगा। इस समय कौन सा चुनाव हो रहा है, जो ध्रुवीकरण की बात कही जा रही है।

तनाव सपा सरकार की देन:
संगीत सोम ने कहा, तनाव बनाए रखने का काम राज्य सरकार कर रही है। इस मामले में तो प्रशासन एक पक्ष का काम कर रहा है। मुस्लिमों को लाउडस्पीकर से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन प्रशासन नहीं लगने दे रहा। इसे क्या कहा जाए? क्या प्रदेश में लोगों को धार्मिक आजादी नहीं है। धर्म कोई भी हो, सभी की आजादी निष्पक्ष होनी चाहिए। शासन-प्रशासन एक पक्ष के तौर पर काम करेगा तो जनता में गुस्सा ही होगा। मुझे तो किसी ने यह बताया कि आईबी की रिपोर्ट में वहां पहले से ही लाउडस्पीकर है तो काहे की रोक।

मैं विवाद नहीं, जनता के साथ हूं:
कांठ मामले में जाने पर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा, प्रदेश में 110 दंगे हो चुके हैं। मुजफ्फरनगर दंगा और कांठ बवाल के अलावा मैं कहीं नहीं गया। उनका जिम्मेदार कौन है। प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है। मैं विवादों में नहीं, जनता के साथ बने रहना चाहता हूं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें