बीएचयू में धरना-प्रदर्शन, तोड़फोड़, पत्थरबाजी के मामले में पुलिस ने तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर प्रो. एके जोशी को साजिश रचने का दोषी माना है। उनके खिलाफ धारा 120 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया है। प्रो. जोशी के मोबाइल की कॉल डिटेल में हंगामा कर रहे छात्रों से बातचीत का मिला प्रमाण मिला है।
एसओ लंका विनोद कुमार यादव ने बताया कि जांच में पता चला है कि छात्रों के एक समूह ने तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर के इशारे पर बीएचयू के सिंहद्वार पर ताला लगाकर आवागमन प्रतिबंधित किया था। इस दौरान पुलिस ने चीफ प्रॉक्टर प्रो. एके जोशी को कई बार बुलाया लेकिन वे नहीं आए।
दोपहर बाद 1:30 बजे एक एंबुलेंस मरीज लेकर आई तो उसे छात्रों ने जाने नहीं दिया। छात्रों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो वे उग्र हो उठे और तोड़फोड़ करने लगे। हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा गया तो उन्होंने बिड़ला हॉस्टल के सामने एक वाहन में आग लगा दी और पथराव करने लगे।
इसके बाद भी फोन कर छात्रों को नियंत्रित करने के लिए प्रो. जोशी को बुलाया गया लेकिन वे नहीं आए। जबकि इसी बीच उनकी छात्रों से मोबाइल पर बातचीत करने का रिकार्ड एकत्रित कर लिया गया है।