स्पेशल सीजेएम कोर्ट ने अभिनेता सलमान खान और शाहरुख खान के खिलाफ दायर याचिका सोमवार को कोई विशेष आधार न पाते हुए खारिज कर दी।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ता इस मामले में मुख्य रूप से पीड़ित प्रतीत नहीं होता है। यदि कोई पीड़ित था तो वह मंदिर कमेटी थी। परंतु उसकी तरफ से कोई भी प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया।
यह था मामला
वादी अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारी भरत राजपूत ने गिरजा शंकर शर्मा अधिवक्ता की तरफ से स्पेशल सीजेएम कोर्ट में मुख्य रूप से तीन आपराधिक धाराओं के तहत प्रार्थना पत्र दिया था।
जिसमें अभिनेता सलमान और शाहरुख खान के अलावा वाई कोम 18 मीडिया कंपनी और यू ट्यूब के सीईओ और बिग बोस के डायरेक्टर और क्रिएटिव हेड को प्रतिवादी बनाया था।
प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया कि विगत 20 दिसंबर 2015 की रात कलर्स चैनल पर बिग बोस नामक कार्यक्रम दिखाया गया। जिसमें एक दृश्य में दोनों अभिनेताओं को जूते पहनकर काली मां के मंदिर में जाते हुए दिखाया गया।
जिससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को बेहद ठेस पहुंची है। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र की सुनवाई कर पत्रावली निर्णय के लिए 24 जनवरी के लिए रिजर्व कर ली है।