कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी ने आईटी एक्ट की धारा 66ए के खिलाफ आठ दिनों से जारी अपना अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने सरकार से तत्काल आईटी एक्ट की इस असंवैधानिक धारा को हटाए जाने की मांग की है।
असीम त्रिवेदी ने कहा कि उन लोगों ने सरकार के सामने अपना पक्ष रखने की भरपूर कोशिश की लेकिन सरकार उनकी बातों पर ध्यान नहीं दे रही है। देश को एक राजनीतिक विकल्प की जरूरत है।
अपने सहयोगी आलोक दीक्षित के साथ जंतर-मंतर पर अनशनरत असीम त्रिवेदी को आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। उन्होंने दोनों से इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए साथ मिलकर काम करने की अपील की।
गौरतलब है कि आईटी एक्ट की धारा 66ए के तहत सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर कमेंट करने और उसे लाइक करने के कारण हुई देशभर में गिरफ्तारियों को लेकर असीम त्रिवेदी ने सेव योर वॉयस अभियान छेड़ा था। उन्होंने इन गिरफ्तारियों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया था। उन्होंने कहा था कि बड़े अपराध करने के बाद अपराधी छोटी सी सजा के बाद रिहा हो जाते हैं, जबकि फेसबुक पर अपनों के बीच अपनी बात कहने पर सजा का प्रावधान कहां तक ठीक है।
क्या है आईटी एक्ट की धारा 66 ए
-इसके तहत कोई भी व्यक्ति जो कम्प्यूटर या संचार माध्यम से ऐसी जानकारी भेजे, जो सरासर आपत्तिजनक या डरावनी हो।
-कोई ऐसी जानकारी भेजे, जिसके गलत होने का पता हो, लेकिन फिर भी उसे किसी को चिढ़ाने या परेशान करने, खतरे में डालने, बाधा डालने, अपमान करने, चोट पहुंचाने, धमकी देने, दुश्मनी पैदा करने, घृणा या दुर्भावना के मकसद से भेजा जाए।
-किसी को चिढ़ाने, परेशान करने या ठगने के लिए कोई ई−मेल या ई−मेल संदेश भेजे या ऐसे संदेश के स्रोत के बारे में गुमराह करे।
-इस धारा के तहत वैसे व्यक्ति को तीन साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकता है।