पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब, आधुनिक युग में यह जुमला पुराना हो गया है। अब तो खेलों की दीवानगी ने इस क्षेत्र में भी कॅरियर के नए दरवाजे खोल दिए हैं। आप सिर्फ खिलाड़ी बनकर ही नहीं, अन्य तरीकों से भी स्पोर्ट्स से जुड़ सकते हैं। जानेमाने कॅरियर काउंसलर जतिन चावला के अनुसार, आज स्पोर्ट्स के क्षेत्र में कॅरियर के तमाम विकल्प उपलब्ध हैं।
स्पोर्ट्स साइकोलॉजी कंसल्टेंट
स्पोर्ट्स साइकोलॉजी कंसल्टेंट का मुख्य काम खिलाड़ी को प्रोत्साहित करके उसकी परफॉर्मेंस को बेहतर बनाना होता है। इतना ही नहीं, वह कोच, खिलाड़ी व टीम के लिए भी काम करता है। खिलाड़ियों के बीच एकता पैदा करने में उसकी अहम भूमिका होती है।
स्पोर्ट्स मेडिसिन
अक्सर हम बड़ों को यह कहते सुनते हैं कि जब बच्चे खेलेंगे तो चोट तो लगेगी ही। लेकिन चोट का इलाज करना भी जरूरी है। इसीलिए अब स्पोर्ट्स मेडिसिन के क्षेत्र को अलग से तवज्जो दी जाने लगी है, जिसके चलते यह प्रॉफेशन काफी पॉपुलर हो रहा है।
खेल पत्रकारिता
अगर आपकी रुचि कई खेलों में है और लेखन पर भी पकड़ है तो आप खेल पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कॅरियर की संभावनाएं तलाश सकते हैं। इस बहाने आपको न सिर्फ महत्वपूर्ण खिलाड़ियों से मिलने का मौका मिलेगा, बल्कि आपका संपर्क भी औरों से बेहतर होगा।
कॅरियर की राहें खेल के रास्ते
स्पोर्ट्स मैनेजमेंट
खेल का मेल अब एंटरटेनमेंट से हो चुका है। आज आपको खेलों मे भी भरपूर मसाला देखने को मिलता है। क्रिकेटर की नीलामी और टी-20 जैसे विभिन्न खेल आयोजनों से स्पोर्ट्स मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र में रोजगार के नए-नए अवसर उत्पन्न होने लगे हैं। टूर्नामेंट या खेल से जुड़ा कोई इवेंट करना हो तो स्पोर्ट्स मैनेजर की सेवाएं अवश्य ली जाती हैं।
स्पोर्ट्स टीचर
आज खेलों को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रत्येक स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर रखे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, इस तरह के विशेषज्ञ बनने के लिए स्पेशलाइज्ड कोर्स भी कराए जा रहे हैं। पहले सिर्फ एक ही टीचर विभिन्न खेलों के विषय में पढ़ाया करता था, परंतु अब विशेषज्ञ टीचर की मांग की जाने लगी है। ऐसे में आप चाहें तो बतौर स्पोर्ट्स टीचर भी अपना भविष्य तलाश सकते हैं।
स्पोर्ट्स मार्केटिंग
जब से स्पोर्ट्स के साथ एंटरटेनमेंट जुड़ा है, इसकी मार्केटिंग की भी बात होने लगी है। अब तो खिलाड़ी खुद की मार्केटिंग और खुद के ब्रांड को बेचने के लिए मार्केटिंग मैनेजरों की नियुक्ति तक करने लगे हैं। सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी आदि से एड कंपनियां सीधे संपर्क नहीं कर सकतीं। इसके अतिरिक्त स्पोर्ट्स कंपनियों के लिए विज्ञापन जुटाना और टिकटों की बिक्री का जिम्मा स्पोर्ट्स मार्केटिंग मैनेजरों का होता है। स्पोर्ट्स गुड्स, स्पोर्ट्स वियर आदि बनाने वाली कंपनियां भी मार्केटिंग मैनेजर नियुक्त करती हैं।
सेलिब्रिटी मैनेजमेंट
सेलिब्रिटी मैनेजर
यदि आपका ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है, अच्छी पीआर स्किल है और इधर-उधर घूमने में दिलचस्पी है तो सेसिब्रिटी मैनेजमेंट के क्षेत्र में कॅरियर बनाया जा सकता है। यहां आपको सेलिब्रिटीज की गतिविधियों को मैनेज करना
होता है।
फिटनेस एक्सपर्ट
स्पोर्ट्स पर्सन को हेल्थ क्लब, फिटनेस सेंटर, स्कूल आदि में बतौर फिटनेस एक्सपर्ट नौकरी पर रखा जाता है। इसके अलावा स्पोर्ट्स साइकिएट्रिस्ट, स्पोर्ट्स साइकोथेरेपिस्ट, स्टेडियम मैनेजर आदि के रूप में भी आप अवसर पा सकते हैं।