केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि 13 निजी कोल ब्लॉकों के आवंटन रद्द किए जाने संबंधी पत्र जल्द ही उनके मालिकों को भेज दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए विधि मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार है।
गौरतलब है कि इन 13 कोल ब्लॉकों का आवंटन रद्द करने की अंतर मंत्रालयी समूह (आईएमजी) की ओर से की गई सिफारिश को सरकार ने सितंबर में स्वीकार कर लिया था। तब आईएमजी द्वारा 14 कोल ब्लॉकों की समीक्षा की गई थी।
जायसवाल ने इन 13 ब्लॉकों का आवंटन रद्द करने की वजह बताते हुए कहा कि आवंटन हासिल करने वाली कंपनियां तय समय में इनमें काम शुरू नहीं कर पाई हैं। उन्होंने कहा कि आवंटन रद्द करने के लिए विधि मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है, जो किसी भी समय मिल सकता है।
मंत्री ने कहा कि चूंकि ये पत्र कानूनी दस्तावेज हैं, इसलिए पत्र भेजने से पहले विधि मंत्रालय की मंजूरी जरूरी है। उन्होंने बताया कि इन कोल ब्लॉकों के बैंक गारंटी में कटौती भी की जाएगी। जायसवाल ने बताया कि कोल नियंत्रक से कम की जाने वाली बैंक गारंटी तय करने को कह दिया गया है।
साथ ही कोयला मंत्री ने बताया कि अंतर मंत्रालयी समूह की 5-6 नवंबर को बैठक होगी, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को आवंटित 33 कोल ब्लॉकों को उत्पादन शुरू करने में देरी के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।
कोल नियंत्रक के लिए सिफारिश अगले माह तक संभव
कोल सेक्टर के लिए नियंत्रक की नियुक्ति के लिए वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों का समूह की अगले महीने बैठक होने वाली है। उम्मीद है कि इस बैठक के बाद समूह अपनी अंतिम सिफारिश दे देगा। इस बात की जानकारी कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने दी।