फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झारखंड में राष्ट्रपति शासन पर फैसला आज संभव

Thu, 17 Jan 2013 12:05 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्रीय कैबिनेट की बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक में झारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की जा सकती है। अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के समर्थन वापसी के बाद राज्य में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है। राज्यपाल ने केंद्र को भेजी दूसरी रिपोर्ट में विधानसभा को निलंबित रख राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की है।  
विज्ञापन


आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के इस्तीफे के बाद से अभी तक कोई दल या गठबंधन राज्य में सरकार बनाने की स्थिति में नहीं पहुंच सका है। इसके चलते प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगने की अधिक संभावना दिख रही है।

राज्यपाल सैयद अहमद की रिपोर्ट के आधार पर गृहमंत्रालय ने एक नोट तैयार किया है, जिसे कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। राज्यपाल ने विधानसभा को निलंबित रखते हुए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है। कैबिनेट की बैठक में झारखंड के मामले में अगला कदम उठाने से पहले गृहमंत्रालय के नोट के साथ ही राज्यपाल की रिपोर्ट पर भी चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन


वर्ष 2000 में बिहार से अलग होकर बने झारखंड में पहले भी दो बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है। प्रदेश में वर्तमान राजनीतिक अस्थिरता 8 जनवरी को सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार से झामुमो के समर्थन वापसी के चलते उत्पन्न हुई है।

82 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा और झामुमो के 18-18 सदस्य हैं। इसके अलावा अर्जुन मुंडा सरकार को ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) के छह, जदयू के दो, दो निर्दलीय और एक नामित सदस्य का समर्थन हासिल था। वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस के 13, झारखंड विकास मोर्चा (पी) के 11 और राजद के 5 विधायक हैं।

सीपीआई-एमएल(एल), मार्क्सवादी समन्वय पार्टी, झारखंड पार्टी (एक्का), झारखंड जनाधिकार मंच और जय भारत समता पार्टी का एक-एक सदस्य के अलावा एक निर्दलीय विधायक भी है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें