इन्सेफेलाइटिस या दिमागी बुखार से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने विस्तृत रणनीति तैयार की है। करीब 4 हजार करोड़ रुपये बजट की इस बहु आयामी योजना में सरकार के पांच मंत्रालय अहम भूमिका निभाएंगे। जापानी इन्सेफेलाइटिस और एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम के चलते इस साल अब तक एक हजार से ज्यादा लोगों की जान चुकी है। बच्चे खासतौर से इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं।
पिछले हफ्ते वित्त मंत्री पी चिदंबरम की गैर मौजूदगी के चलते कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया था। सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट मंत्रियों के समूह (जीओएम) की सिफारिशों को अमल में लाने पर विचार कर रही है। इस योजना के तहत प्रभावित व्यक्ति को न्यूट्रिशियन और इलाज के अलावा बेहतर हेल्थकेयर, पेयजल और सफाई सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
इस पुनर्वास योजना में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, पेयजल व सफाई मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय शामिल हैं। इस योजना के लिए पेयजल व सफाई मंत्रालय ने सर्वाधिक 2 हजार करोड़ रुपये का बजट पास किया है, जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय भी 1300 करोड़ रुपये का योगदान देगा और बाकी का फंड अन्य मंत्रालय जुटाएंगे।