प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से खाली पड़े मंत्री पदों को भरने की बात कहने के साथ ही अगले हफ्ते मंत्रिमंडल फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री के मंत्रिमंडल में 9 से दस और नए मंत्री जगह पा सकते हैं। कांग्रेस और सरकार के शीर्ष स्तर पर खाली पड़े पदों को जल्द भरने को लेकर बातचीत प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सूत्रों का कहना है कि अगले हफ्ते के अंत में इस प्रक्रिया को सिरे चढ़ाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने इस साल की शुरूआत में किए मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान इसे आखिरी बदलाव कहा था। मगर बदले राजनीतिक घटनाक्रम के चलते उन्हें दुबारा फेरबदल करना पड़ा है।
सहयोगी दल द्रमुक के सरकार के अलग होने के बाद कई मंत्री पद खाली पड़े हैं।
वहीं रेलवे घूसकांड में पवन बंसल के रेल मंत्री की कुर्सी छोड़ने और कोयला घोटाले मामले में अश्विनी कुमार की कानून मंत्रालय से विदाई के चलते भी प्रधानमंत्री को अपने मंत्रियों के काम में फेरबदल की जरूरत पड़ गई हैं।
द्रमुक कोटे के मंत्री रहे एम के अलागिरी के जाने के बाद रासायनिक उर्वरक मंत्रालय खाली पड़ा है। जबकि उससे पहले दयानिधि मारन को टेलकॉम विवाद में फंसने के चलते कपड़ा मंत्रालय से जाना पड़ा था। यह पद लंबे समय से खाली पड़ा है।
रेल मंत्री सी पी जोशी के बने रहने की बात है, जबकि उनके पास से सड़क और परिवहन मंत्रालय लेने की चर्चा है।
कानून मंत्री की कुर्सी पर कपिल सिब्बल के बरकरार रहने की बात है, जबकि दूरसंचार और सूचना तकनीक मंत्रालय भी उनके पास रहने की चर्चा चल रही है। इसके अलावा कई राज्य मंत्री पद खाली पड़े हैं।