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हर गांव को इंटरनेट से जोड़ने के लिए ये है 'प्लान मोदी'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक अहम वादे को पूरा करने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाया है। बुधवार को मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में डिजिटल इंडिया योजना को मंजूरी दी गई।
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इस कदम के तहत देश का हर गांव इंटरनेट से जोड़ा जाएगा और सरकारी काम ऑनलाइन होंगे। प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लालकिले की प्राचीर से डिजिटल इंडिया बनाने का ऐलान किया था।

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस योजना के तहत सभी मंत्रालयों को अपने सभी विभागों को इंटरनेट से जोड़ने का निर्देश दिया है।
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50 हजार गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा

इस योजना का मकसद डिजिटल रूप से सशक्त समाज बनाना है, जिसके तहत हर नागरिक को डिजिटल ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा और प्रशासन का कामकाज तथा सरकारी सेवाएं इंटरनेट के माध्यम से प्रदान की जाएंगी।

प्रधानमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में कहा था कि आईटी भारत को वैसे ही जोड़ती है, जैसे कभी रेलवे जोड़ता था। उन्होंने कहा था कि डिजिटल इंडिया हमें दुनिया से मुकाबला करने में सक्षम बनाएगा। हमें डिजिटल इंडिया की तरफ जाना होगा।

रविशंकर प्रसाद ने बताया कि राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर से देश के 50 हजार गांवों को इस साल के अंत तक ब्रॉडबैंड से जोड़ दिया जाएगा।

एक लाख करोड़ रुपये होंगे खर्च

डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 2018 तक चरणबद्ध तरीके से पूरी होने वाली इस योजना के लिए निगरानी समिति गठित की जाएगी।

इस समिति के अध्यक्ष खुद प्रधानमंत्री होंगे। इसके अलावा एक सलाहकार समिति भी बनाई जाएगी, जिसके अध्यक्ष सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री होंगे। इसके अलावा मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में एक अन्य समिति भी बनाई जाएगी।
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नक्सल क्षेत्रों में स्थापित होंगे 1836 मोबाइल टावर

सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधाएं बढ़ाने के लिए 1836 नए मोबाइल टावर लगाने का निर्णय लिया है। मोदी कैबिनेट ने इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

इस टावरों की स्थापना पर 3216 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस कदम से विभिन्न राज्यों के इन क्षेत्रों में नक्सली समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।

प्रसाद ने बताया कि इन टावरों को भारत संचार निगम लिमिटेड के माध्यम से स्थापित किया जाएगा। इसके लिए राशि की व्यवस्था सर्वत्र सेवा दायित्व कोष से की जायेगी।
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