सीबीआई ने कोलगेट मामले में मंगलवार को
14वीं एफआईआर दर्ज कराई और गाज गिरी कुमार मंगलम बिड़ला पर। दरअसल, यह
मामला उड़ीसा के तालाबीरा सेकेंड कोल ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा है, जो
हिंडाल्को को दिया गया था।
जाहिर है, कानून के हाथ बिड़ला की
गिरेबां तक पहुंचने से बिजनेस जगत में हड़कंप मच गया है। लेकिन किसी दिग्गज
कारोबारी के कानूनी पचड़े में फंसने का यह पहला मामला नहीं है।
आइए गौर करें देश के ऐसे दिग्गज बिजनेसमैन और कंपनियों की फेहरिस्त पर, जिन पर कानून की मार पड़ी।
सुनील मित्तल
भारती
एयरटेल के बॉस सुनील भारती मित्तल पर 2003 को हुए स्पेक्ट्रम आवंटन में
अनियमितता बरतने का आरोप लगा हे। इसके अलावा उनकी कंपनी एयरटेल इंटरनेशनल
कॉल की कथति गैरकानूनी राउटिंग को लेकर भी कटघरे में है।
नवीन जिंदल
स्टील
कारोबार में बड़ा नाम रखने वाले जिंदल परिवार की विरासत संभाल रहे नवीन
जिंदल का नाम भी कोलगेट से जुड़ी एफआईआर में दर्ज है। उन पर धोखाधड़ी और
आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगा है।
कुमार मंगलम बिड़ला
ए वी बिड़ला ग्रुप के बॉस का नाम कोलगेट मामले में हालिया एफआईआर में दर्ज किया गया है।
मुकेश अंबानी
देश
की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक रिलायंस के प्रमुख मुकेश अंबानी पर भी
आरोप लग चुके हैं। सीबीआई ने हाल में उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच बंद की
है, जिनमें कहा गया था कि उनकी कंपनी ने गैस फील्ड की कॉस्ट बढ़ाई।
अनिल अंबानी
अनिल
अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी तक भी कानून के हाथ पहुंचे थे, हालांकि
जांच के बाद उन्हें आरोपों से बरी कर दिया गया। अनिल अंबानी ग्रुप की
कंपनी रिलायंस टेलीकॉम के तीन कार्यकारी अधिकारियों पर 2जी मामले में आरोप
दर्ज हैं।
संजय चंद्रा
यूनिटेक
के बॉस संजय चंद्रा पर तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा के साथ मिलकर 2जी
लाइसेंस लेने के लिए साजिश रचने और जानकारी छिपाने का इल्जाम लगा।
रुइया और खैतान परिवार
एस्सार
ग्रुप के प्रमोटर रवि और अंशुमान रुइया, उनके रिश्तेदार किरण और आई पी
खैतान, एस्सार के एक एग्जिक्यूटिव और तीन कंपनियों पर 2जी घोटाले में
आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगा।
टाटा कम्युनिकेशन
कंपनी पर गैरकानूनी इंटरनेशनल कॉल सर्विस मुहैया कराने का इल्जाम लग चुका है।
वोडाफोन इंडिया
एनडीए सरकार के दौरान स्पेक्ट्रम आवंटन के दौरान नाजायज फायदा बनाने का आरोप लगा।