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जो काम ओबामा नहीं कर पाए क्या मोदी कर पाएंगे?

Fri, 08 Aug 2014 12:52 PM IST
एजेंसी/न्यूयॉर्क
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भारत जैसे विकासशील देश ही नहीं, बल्कि अमेरिका में भी बुलेट ट्रेन अभी महज दूर की कौड़ी ही है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की महत्वाकांक्षी मानी जाने वाली परिवहन परियोजना पर 2009 से अब तक तकरीबन 11 अरब डॉलर खर्च किए जा चुके हैं। मगर देशभर में हाई स्पीड ट्रेन चलाने की योजना को अमल में लाने के मामले में अमेरिका अभी यूरोप और चीन से काफी पीछे है।

इसकी वजह है विपक्षी रिपब्लिकन और समुदायों का विरोध, जिस कारण इस परियोजना की रफ्तार काफी धीमी है।
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2009 से अब तक 11 अरब डॉलर खर्च

डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों दलों के परिवहन नीति विशेषज्ञों और सदस्यों ने ओबामा प्रशासन पर गलत कदम उठाने की वजह से इसकी विफलता का दोष मढ़ा है।

जिसने जुलाई में देश में तीव्रगामी ट्रेनों के विकास के लिए अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस से तकरीबन दस अरब डॉलर और ज्यादा देने की मांग की थी।

इस परियोजना के लिए 11 अरब अमेरिकी डॉलर हासिल करने के बावजूद आलोचकों का कहना था कि प्रशासन देश में पहले से मौजूद एमट्रैक सेवा (राष्ट्रीय रेल यात्री निगम) परियोजना का नवीनीकरण करने के लिए एकमुश्त पैसे न देकर गलतियां कर रहा है।

जिस वजह से देश में ट्रेनों की गति 110 मील प्रति घंटे से ज्यादा नहीं हो पाई है। यही नहीं देश में पूर्वोत्तर गलियारे के लिए भी ट्रेन सेवा के लिए कोई धन मुहैया नहीं कराया गया है। जिसे हाई स्पीड ट्रेनों के लिए बेहतर माना जाता है।

रिपब्लिकन-डेमोक्रेट दोनों कर रहे विरोध

रिपब्लिकन गवर्नरों की अगुवाई वाले फ्लोरिडा, ओहियो और विस्कांसिन में हाई स्पीड रेल परियोजना रद कर दी गई है और इसे अनावश्यक और खर्चीला बताते हुए इसके लिए दिए गए संघीय बजट को लौटा दिया गया।

उल्लेखनीय है कि चार साल पहले ओबामा ने अगले 25 साल में अस्सी फीसदी अमेरिकियों के लिए हाई स्पीड ट्रेनों में सफर करने का लक्ष्य तय किया था।

हालांकि ऐसा नहीं है कि देश में सभी लोग ऐसा ही मानते हों। वकीलों का कहना है कि इस परियोजना को लेकर उन्हें काफी उम्मीद है।
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महज दस मिनट में 150 मील की रफ्तार

देश में ज्यादातर ट्रेनों की गति 110 मील प्रति घंटे ही है।

वेस्टरली और क्रांस्टन के बीच जहां एमट्रैक की ट्रेनें 150 किलोमीटर की रफ्तार से चलती हैं जो महज पांच से दस मिनट के लिए ही इस रफ्तार को हासिल कर पाती हैं।

वहीं भीड़भाड़ वाले न्यूयॉर्क और वाशिंगटन कॉरिडोर में ये ट्रेनें महज 80 मील प्रति घंटे की रफ्तार ही पकड़ पाती हैं।
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