महाराष्ट्र के मझगांव इलाके में शुक्रवार सुबह गिरी एक 5 मंजिला इमारत में दबकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 50 हो गई। हादसे में 32 अन्य लोग घायल हुए हैं।
मलबे को हटाने और लोगों को निकालने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
इससे हताहतों की संख्या बढ़ भी सकती है। मृतकों में मराठी समाचार पत्र सकाल के पत्रकार योगेश पवार और उनके पिता अनंत पवार भी शामिल हैं।
इस बीच पुलिस ने डेकोरेशन करने वाली फर्म मामामिया डेकोरेटर्स के मालिक अशोक मेहता को गिरफ्तार किया है। इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर किराये पर मेहता अपनी कंपनी चलाते थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने गैरकानूनी तरीके से उस जगह में कुछ तब्दीली की जिसके चलते इमारत के ढांचे को नुकसान पहुंचा।
बीएमसी सूत्रों ने बताया कि हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 50 हो गई और 32 अन्य घायल हुए हैं। घायलों को जेजे अस्पताल और नायर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पांच मंजिला इमारत डॉकयार्ड रोड रेलवे स्टेशन के करीब ब्रह्मदेव खोट मार्ग पर स्थित थी।
इसका मालिकाना हक बृह्नमुंबई म्यूनिसिपल कारपोरेशन (बीएमसी) का था। इमारत शुक्रवार सुबह अचानक भरभराकर ढह गई थी। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है। अपने परिजनों की खोज में चिंतित रिश्तेदार भी हादसा स्थल पर मदद कर रहे हैं।
सी-2 कैटेगरी के तहत आने वाली 30 साल पुरानी इस इमारत में बीएमसी कर्मचारियों के 21 परिवार रहते थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने हादसे के लिए जिम्मेदारी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
बीएमसी ने हादसे की जांच के लिए दो कमेटियों का गठन किया है और शहर में ऐसी अन्य इमारतों के ऑडिट का आदेश जारी किया है।