नेहरू ग्राम भारती मान्य विश्वविद्यालय की बीटीसी की डिग्री अवैध है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में विश्वविद्यालय की याचिका खारिज कर दी है। यहां से डिग्री प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों द्वारा सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने की मांग को भी अदालत ने नामंजूर कर दिया है।
याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि एनसीटीई की क्षेत्रीय कमेटी द्वारा दो वर्षीय बीटीसी कोर्स चलाने की मंजूरी दे देने मात्र से विश्वविद्यालय को छात्रों को प्रवेश देने का अधिकार नहीं मिल जाता है। विश्वविद्यालय को शैक्षिक सत्र प्रारंभ करने से पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्राधिकारी की अनुमति लेनी चाहिए थी।
शशि कुमार द्विवेदी द्वारा दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता ने सुनवाई की। याची विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि विश्वविद्यालय स्वयं परीक्षा नियंत्रक प्राधिकारी है, इसलिए उसे किसी परीक्षा नियंत्रक प्राधिकारी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है।
अपर महाधिवक्ता सीबी यादव ने इसका विरोध किया और कहा कि विश्वविद्यालय मात्र यूजीसी द्वारा संचालित कोर्स ही चला सकता है। 27 फरवरी, 2004 को जारी शासनादेश के तहत गठित परीक्षा नियंत्रक प्राधिकरण एक परीक्षा विभाग है, जिसकी अनुमति ली जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय को बीटीसी में प्रवेश लेने और परीक्षा कराने का अधिकार नहीं है।